दो कुत्तों की लड़ाई ने बदल दी जयंत की जिंदगी, बेजुबानों की सेवा को बना लिया अपना धर्म

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


नितिन अंतिल/ सोनीपत. आज कल की युवा पीढ़ी जहां एक ओर सोशल मीडिया के माया जाल में उलझी पड़ी है. वहीं, दूसरी ओर कुछ ऐसे युवा भी हैं, जो समाज और आज की युवा पीढ़ी के लिए मिसाल बनकर सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक युवा है सोनीपत का रहने वाला जयंत, जो अपने खर्च पर एक अस्पताल चला कर  बेजुबानों की सेवा कर रहे हैं.

जयंत के इस सफर की शुरुआत तब हुई जब वो स्कूल में पढ़ता था. साल 2013 में जब वो स्कूल की पढ़ाई के बाद घर आ रहा था, तो उसे दो कुत्ते लड़ते दिखाई दिए. उसने एक कुत्ते को छोटा सा पत्थर फेंक कर मार दिया. लेकिन इसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि जयंत का मन पूरी तरह बदल गया.पथर से घायल हुए कुत्ते को देख कर बहुत दुखी हुआ और उसने घायल पशु- पक्षियों का इलाज करने का मन बना लिया.

2013 में हेल्पिंग हैंड हुई एनजीओ की शुरुआत
जिसके बाद जयंत ने 2013 में ही हेल्पिंग हैंड के नाम से एक एनजीओ की शुरुआत की. युवाओं की टीम खड़ी की. हालांकि उस समय एनजीओ का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था लेकिन साल 2019 में अपने एनजीओ का रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अब इन युवाओं की टीम एक सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्र में उपचार केंद्र चला रहे हैं. जो बेसहारा गोवंश के साथ-साथ पक्षियों का इलाज भी कर रहे है. ये इलाज वो अपने खर्च पर करते हैं. पहले ये काम सड़कों पर करते थे, लेकिन अब अपने उपचार केंद्र में कर रहे हैं.

3500 से ज्यादा पशु-पक्षियों का किया इलाज
जयंत भोरिया का कहना है कि आस-पास के गांव में भी उन्होंने अपने नंबर दे रखे हैं. जहां से भी कॉल आती है, वो घायल पशु- पक्षी की सुध लेने पहुंच जाते हैं और वहां से उन्हें लेकर अपने उपचार केंद्र पहुंचते हैं. इस उपचार केंद्र में वो पिछले 1 साल से इलाज कर रहे हैं, इलाज का खर्च वो अपने आप ही उठा रहे हैं. हालांकि पशुओं के लिए चारे का सहयोग मिलने लगा है और दो-तीन महीने से दवाइयों का सहयोग भी मिल रहा है. वहीं 2013 से अभी तक वो 3500 से ज्यादा पशु-पक्षियों का इलाज कर चुके हैं.

.

FIRST PUBLISHED : June 06, 2023, 13:47 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें