ये है देश का सबसे डरावना गांव जो रातोंरात हुआ खाली! शाम ढलते ही घर से निकलना बंद कर देते हैं लोग

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प्रतापा‌ राम/जैसलमेर. इतिहास के पन्नों में कई ऐसी घटनाएं दर्ज हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. जैसलमेर से करीब 20 किलोमीटर दूरी पर कुलधरा नामक गांव है. यह बहुत हैरान करने वाली बात है कि आखिर गांव के सभी लोग अपने घर छोड़कर क्यों जाएंगे. कहा जाता है कि इस गांव में भूतों का बसेरा है और इस वजह से लोग वहां जाना तक पसंद नहीं करते हैं.

गांव में काफी पुराने कुछ मकान बने हुए हैं, जो पूरी तरह से खंडहर बन चुके हैं. अब इस गांव की गिनती देश के हॉन्टेड प्लेस में की जाने लगी है. कहा जाता है कि करीब 200 साल पहले इस गांव के लोग रातोंरात घर छोड़कर गांव को वीरान करके चले गए.

शापित है ये गांव
कहा जाता है कि एक ब्राह्मण की पुत्री यहां के दीवान सालिम सिंह को पसंद आ गई और सालिम सिंह ने ब्राह्मण कन्या से विवाह करने का प्रस्ताव दिया. लेकिन पालीवाल ब्राह्मणों ने वो प्रस्ताव ठुकरा दिया, लेकिन दीवान की क्रूरता व जुल्म से परेशान होकर कुलधरा गांव के लोगों ने यहां से पलायन कर लिया. इसका असर आज तक इस गांव की स्थिति पर नजर आता है. कुलधरा गांव को पालीवाल ब्राह्मणों ने 1291 में बसाया था और उस समय यह एक समृद्ध गांव था. इस गांव में अधिकतर जनता ब्राह्मणों से मिलती थी और यहां कृषि, पशुपालन और व्यापार के लिए उपयुक्त भूमि थी.

कई जर्जर मकान 
यहां के लोग अपने कौशल और कुशलता के लिए जाने जाते थे और वे गांव की समृद्धि में भाग लेते थे लेकिन शादी के मामले में हुए घटनाक्रम के बाद इस गांव में सभी लोग अपने घरों को छोड़कर चले गए और गांव को एकाएक उसकी समृद्धि से वंचित कर दिया. अब इस गांव में कई जर्जर मकान हैं और खंडहरों के बीच एक पुनर्निर्मित मंदिर है. आगंतुकों को वहां की संरचनाओं का अंदाजा लगाने के लिए कुछ घरों का नवीनीकरण भी किया गया है. इस क्षेत्र के आसपास कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं है.

कुलधरा गांव में घूमने का अच्छा समय
ये जगह, राजस्थान में होने की वजह से अत्यधिक गर्म रहती है. इसलिए यहां घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच है, जहां गर्मी थोड़ी कम हो जाती है. आप धूप से परेशान हुए बिना रेगिस्तान में घूमने का आनंद ले सकते हैं.

कुलधरा गांव का समय और एंट्री फीस
गांव में आप रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक घूमना-फिरना कर सकते हैं। चूंकि ये जगह भूतिया मानी जाती है, इसलिए स्थानीय लोग सूर्यास्त के बाद द्वार बंद कर देते हैं. यदि आप कार से जा रहे हैं तो कुलधरा गांव के लिए एंट्री फीस 20 रुपये प्रति व्यक्ति है और अगर आप अंदर गाड़ी से जा रहे हैं तो 50 रुपये फीस है.

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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 17:30 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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