5 साल में 80 हजार चंपा फूल के पौधे लगा चुके KBC विजेता सुशील कुमार, जिले को हरा-भरा करने का लक्ष्य

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नकुल कुमार/पूर्वी चम्पारण. कहते हैं कि चंपा फूलों के बागों के कारण ही इस इलाके का नाम चंपारण रखा गया होगा. हालांकि अब इलाके में चंपा के पेड़ शायद ही कहीं दिखते हैं. लेकिन, कौन बनेगा करोड़पति सीजन-5 के विजेता सुशील कुमार इस इलाके को फिर से चंपा का अभ्यारण बनाने का अभियान चला रहे हैं. बकौल सुशील कुमार, पिछले 5 वर्षों से चलाए जा रहे चंपा से चंपारण अभियान के तहत पूर्वी चंपारण जिले में वे अब तक 80 हजार चंपा का पौधा लगा चुके हैं. इतना ही नहीं इसमें से अधिकांश पौधे बचा लिए गए, जो अब फूल भी दे रहे हैं.

नीम, बरगद, पीपल, महुआ, कटहल … अभियान
सुशील कुमार कहते हैं कि वह सिर्फ चंपा से चंपारण अभियान ही नहीं चला रहे हैं, बल्कि इसके साथ ही नीम, महुआ, पीपल, कटहल, आम, बरगद अभियान भी चला रहे हैं. इसके तहत अब तक पीपल के 450 पौधे लगा चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि वह प्रत्येक पौधे का एक सीरियल नंबर रखते हैं. जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि कौन सा सीरियल नंबर का पौधा किस क्षेत्र में लगा हुआ है. वहीं गौरैया संरक्षण के तहत 10 हजार घोंसले वितरित कर चुके हैं.

पर्यावरण के लिए जन जागरूकता अभियान
सुशील कुमार कहते हैं कि पर्यावरण के प्रति नागरिक ध्यान नहीं देते हैं. यही कारण है कि ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रहा है. जलस्तर नीचे जा रहा है. इन सारी बातों को लेकर आम आदमी चिंतित नहीं है. आम आदमी जागरूक हो जाएगा, तो धीरे-धीरे पर्यावरणीय संकट कम होता चला जाएगा. इसलिए हम सब का उद्देश्य ही है कि लोग पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक हों. पेड़-पौधा लगाएं एवं उनकी रक्षा करें.

पर्यावरण संरक्षण को लेकर बच्चों को करतें हैं जागरूक
केबीसी विजेता कहते हैं कि वे पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जागरूकता के लिए अक्सर विद्यालयों में जाते हैं. प्रार्थना के समय बच्चों से बातचीत करते हैं. उनसे उन सभी चिंताओं पर चर्चा करते हैं. बच्चों से पूछते हैं कि किसने पौधा लगाया है. जो बच्चे हां कहते हैं, उन्हें पुरस्कृत करते हैं. सुशील कहते हैं कि मैं अक्सर लोगों को पौधा लगाने एवं उसका फोटो लेकर सोशल मीडिया पर लगाने के लिए प्रेरित करता हूं. सोशल मीडिया पर लगाने से फायदा यह होता है इसे देखकर कई लोग प्रेरित होते हैं कि हमें भी पौधा लगाना चाहिए.

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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 21:20 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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