
आशीष कुमार शर्मा/दौसा: कल्लू महावर की दुल्हन वाली डिमांड इन दिनों वाली चर्चा का विषय बन गई है. 55 वर्षीय कल्लू ने सरकारी कैंप में तहसीलदार को शादी करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है. इस पत्र में उसने बताया है कि उसे कैसी दुल्हन चाहिए. उसकी डिमांड सुनकर अफसर समेत लोग भी हैरान हैं.
कल्लू महावर के पत्र के अनुसार, शादी के लिए उसे पतली दुल्हन चाहिए, जिसकी उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच हो. उसका रंग गोरा हो. हर काम में अग्रणी और घर का कामकाज संभाल सके. 55 वर्षीय कल्लू की यह डिमांड सुनकर लोग हैरान हैं और हर जगह इसकी चर्चा हो रही है. वहीं प्रशासन ने भी उसकी अर्जी स्वीकार कर ली है.
बता दें कि कल्लू महावर निवासी गांगदवाड़ी ने तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई है कि उसकी घरेलू परिस्थितियां प्रतिकूल हैं. वह अकेला घर पर परेशान रहता है और कार्य करने में असमर्थ है. ऐसे में घरेलू कार्य के लिए उसे पत्नी की आवश्यकता है. प्रार्थना पत्र में पत्नी की योग्यता भी लिखी है.
जांच के लिए टीम गठित
3 जून को गांगदवाड़ी महंगाई राहत कैंप के दौरान आंगनवाड़ी में यह आवेदन आया तो तहसीलदार ने भी एप्लिकेशन को पटवारी के लिए मार्क कर दिया और लिखा कि जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें. जैसे ही यह प्रार्थना पत्र फॉरवर्ड होकर पटवारी के पास पहुंचा तो पटवारी ने भी इस मामले में पंचायत स्तर पर एक टीम का गठन करने की सलाह दे दी. पटवारी ने इस मामले में तहसीलदार को एप्लीकेशन लिखते हुए कहा कि उक्त प्रकरण में ग्राम पंचायत स्तर पर टीम का गठन किया जाए.
कलेक्टर का यह है कहना
जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने बताया कि वह कलेक्टर के साथ-साथ मैरिज रजिस्टार भी हैं. ऐसे में गांगदवाड़ी में शिविर के दौरान पीड़ित व्यक्ति से प्रार्थना पत्र लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने बताया कि यदि पीड़ित व्यक्ति से प्रार्थनापत्र लेते वक्त उसकी मनोदशा कैसी रही होगी, इस पर भी विचार करना चाहिए. अगर वह मानसिक रूप से प्रताड़ित है या प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं होने की दशा में कोई आत्मघाती कदम उठा सकता है तो इस दिशा में भी देखना चाहिए. इस वजह से पीड़ित का प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया गया है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.
कल्लू का यह कहना
वहीं प्रार्थी कल्लू महावर का कहना है कि उससे गांव के ही कुछ लोगों ने एप्लीकेशन लिखवाई थी और उन्होंने ही तहसीलदार को एप्लीकेशन दी थी. पटवारी बाबूलाल गुर्जर का कहना है कि प्रार्थी सीधे उनसे नहीं मिला, बल्कि तहसीलदार के माध्यम से एप्लीकेशन आई थी. इस पर ग्रामीणों ने आज ही कार्रवाई करने का दबाव दिया था और इसके कारण उस एप्लीकेशन पर पंचायत स्तर पर टीम का गठन किया है.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 22:48 IST








