
विजय राठौड़ / ग्वालियर. एक तरफ जहां लोग जंगलों को खत्म करने में लगे हुए हैं. वहीं कुछ लोग प्राकृति के प्रति अब भी संवेदनशील हैं. वे अपने घरों को ही हरियाली से भरने में लगे हुए हैं. उन्हीं में से एक हैं ग्वालियर की नीतू बंसल, जिन्होंने अपने घर के छत पर ही गार्डन बना डाला है. नीतू ने बताया कि उन्हें गार्डनिंग का शुरू से ही शौक है. वह बचपन से ही अपने मायके में गार्डनिंग किया करती थी, जहां आज भी उनके हाथ के लगाए हुए पेड़ हैं. इसके बाद धीमे-धीमे जिंदगी व्यस्त होती गई और शौक कहीं पीछे छूट गया. उन्होंने बताया कि जीवन हमें दोबारा मौका जरूर देता है और मैंने उस मौके को समझा. जब मेरे बच्चे बड़े हो गए तो मैंने अपने फिर से पौथे लगाने का मन बनाया. फिर धीरे-धीरे शुरुआत की, जो आज गार्डन के रूप में आपके सामने है.
नीतू बंसल द्वारा अपने घर की छत पर जो गार्डन बनाया गया है उसमें बेहद असरदार और खूबसूरत पौधों के साथ एक झरना भी है, जिसे उन्होंने अपने एक साथी की मदद से तैयार किया है. इसमें पानी भी भरा है और वह लाइट के माध्यम से चलता है जिसकी आवाज ऐसी लगती है मानो किसी जंगल में झरने की आवाज हो. इतना ही नहीं आसपास हरे भरे पेड़ पौधे और झरने का स्वर जब चारों ओर होता है तो ऐसा लगता है मानो हम किसी जंगल में आ गए हो. एक अलग ही शांति और सुकून का भी एहसास होता है. उन्होंने बताया कि शाम के समय यहां पर बड़ी संख्या में पक्षी भी आकर बैठते हैं, जिनकी आवाजों से यह जंगल पूरा हो जाता है.
नीतू के गार्डन में 100 से अधिक प्रजाति के पेड़ पौधे
नीतू का प्रकृति प्रेम केवल उनके घर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरे देश में चल रहे विख्यात मिशन 100 करोड़ की जिला अध्यक्ष भी हैं. और ना जाने कितने ही पेड़-पौधे लोगों को वितरित भी कर चुकी हैं. इतना ही नहीं वर्तमान में उनके गार्डन में 100 से अधिक प्रजातियों के पौधे हैं, जिनमें लगभग 50 से अधिक बोनसाई पौधे हैं और बाकी कुछ सब्जियां और फूल इत्यादि के भी पौधे लगे हुए हैं. उन्होंने बताया कि उनके यहां मुख्य ब्रह्मकमल, वर्ड ऑफ पैराडाइज, हेलीकॉरनियां, वाटर लिलीज, विभिन्न वरायटी के गुढ़हल, चंपा, गुलाब, ग्राफ्टेड एडेनियम, सिजनेबल वेजिटेबल पौधे, चीकू, पपीता, अंगूर, नींबू सहित विभिन्न प्रकार के पौधे हैं. नीतू बंसल के पति विजय बंसल भी उन्हें काफी सहयोग करते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 16:50 IST








