कहते हैं, एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है. तस्वीरें बोलती हैं, बस ऐसा फोटोग्राफर चाहिए जो उन्हें बुलवाने का हुनर जानता हो. ऐसे ही प्रतिभावान फोटोग्राफर थे केविन कार्टर (Kevin Carter). साउथ अफ्रीका के रहने वाले केविन एक युवा फोटोग्राफर (South African photographer Kevin Carter) थे जिन्होंने अपने जीवनकाल में कई ऐसी तस्वीरें खींची जिसने इतिहास रच दिया. उनकी एक तस्वीर ने खूब सुर्खियां बटोरी, उन्हें दुनिया के महाने फोटोग्राफर्स में शुमार कर दिया, पुरस्कार दिलवाए, पर उतनी ही ज्यादा विवादित भी हो गई. इस फोटो को खींचने के बाद केविन इतने निराश हो चुके थे, कि उन्होंने सुसाइड तक कर लिया. आखिर ये फोटो इतनी विवादित क्यों है? आज हम आपको इसकी कहानी बताने जा रहे हैं.
“The Vulture And The Little Girl” के नाम से फेमस इस फोटो को केविन कार्टनर ने मार्च 1993 में खींचा था. फोटो सुडान की है जिसमें एक बच्ची (Vulture kid Sudan photo) भूख से बेहाल होकर रास्ते में गिर जाती है और पीछे घात लगाए गिद्ध बैठा है. फोटो को देखकर ये अर्थ निकाला जाता है कि गिद्ध उस बच्ची के मरने का इंतेजार कर रहा है, जिससे वो उसे खा सके. या फिर मौत बैठी है जो बच्ची को अपने साथ ले जाने को तैयार है. तस्वीर खींचने के कुछ वक्त बाद ये पता चला थी कि वो लड़की नहीं, बल्कि कॉन्ग न्यॉन्ग (Kong Nyong) नाम का एक लड़का था.
फोटो की हुई आलोचना
26 मार्च 1993 को अमेरिका के फेमस न्यूजपेपर न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस फोटो को एक लेख के साथ पब्लिश किया था. इस फोटो को देखकर लोग इतना विचलित हुए कि अखबर के दफ्तर में फोन कर ये पूछने लगे कि बच्ची की हालत कैसी है, और वो बच पाई या नहीं. बहुत से लोग फोटोग्राफर केविन को देश देने लगे. उनका कहना था कि केविन ने नैतिकता नहीं दिखाई, वो सिर्फ अच्छी फोटो का भूखा था, उसने बच्ची को नहीं बचाया. लोग केविन को वहां मौजूद दूसरा गिद्ध कहने लगे. ये सब बातें सुनकर केविन को बहुत धक्का लगा.
केविन को इस फोटो के लिए पुलित्जर पुरस्कार मिला था. (फोटो: Twitter/@Soumyadipta)
तस्वीर के लिए मिला पुरस्कार
दूसरी ओर इस फोटो ने दुनिया को हिलाकर रख दिया और अफ्रीका में भूखमरी की कंडीशन का खुलासा कर दिया. अगले साल यानी 1994 में केविन को इसी फोटो के लिए विश्व विख्यात पुलित्जर पुरस्कार (Pulitzer prize) मिल गया और उनकी ख्याति देश-विदेश में हो गई. उसी बीच साउथ अफ्रीका में हुई एक हिंसा को केविन अपने दोस्त Ken Oosterbroek के साथ कवर करने गए थे जिसमें केन की मौत हो गई. फोटो की आलोचना अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुई थी कि दोस्त की मौत के बारे में सुनकर केविन पूरी तरह टूट गए.
केविन ने ले ली अपनी जान
दो-दो आघात को केविन झेल नहीं पाए और 27 जुलाई 1994 को उन्होंने साउथ अफ्रीका में एक नदी किनारे अपनी कार पार्क की और गाड़ी के एग्जॉस्ट पाइप में एक दूसरा पाइप लगाकर उसमें से निकलने वाली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस को मुंह के अंदर लेने लगे. इस तरह उन्होंने अपने जीवन का अंत कर लिया. वो अपने पीछे एक सुसाइड नोट भी छोड़कर गए जिसमें उन्होंने लिखा- “मैं सबसे माफी चाहता हूं. जीवन का दर्द, आनंद को इस हद तक खत्म कर देता है कि फिर जीवन में आनंद का नाम-ओ-निशान नहीं रह जाता. मैं डिप्रेस्ड हूं, बिना फोन के हूं, बच्चे की पढ़ाई के लिए पैसे नहीं हैं, किराये के लिए पैसे नहीं हैं. हर चीज के लिए जीवन में सिर्फ पैसे चाहिए. मुझे लाशों, हत्याओं, गुस्से, दर्द, भूखे बच्चों की यादें घेरे हुए हैं और डरा रही हैं. अगर मैं लकी हुआ तो मैं केन से अब मिलूंगा.” आपको बता दें कि काफी वक्त बाद पता चला कि केविन द्वारा खींची गई फोटो में कॉन्ग न्यॉन्ग नाम का लड़का था, वो भुखमरी से बच गया था और कई साल बाद, 2008 में उसकी बुखार से मौत हुई थी.
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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 06:00 IST








