वृंदावन से आए मोगरा से सजाया फूल बंगला , भक्तों को दर्शन देने गर्भ गृह से बाहर निकले भगवान

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अनुज गौतम / सागर. मिनी वृंदावन के नाम से मशहूर सागर के बड़ा बाजार इलाके में एकादशी के दिन चारों तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों की ओर जाते हुए दिखाई दे रही थी कहीं पर जल विहार हो रहा था तो कहीं पर भगवान के दिव्य दर्शन कराए जा रहे थे कहीं पर भगवान गर्भ गृह से निकलकर खुद भक्तों को दर्शन देने के लिए बाहर आए थे.

सागर में कहीं पर मंदिरों को फूलों से सजाया गया तो कहीं पूरा फूल बंगला ही बना दिया गया था. निर्जला एकादशी के दिन इस इलाके में केवल राधे कृष्ण के जय कारे और गीत संगीत भजन सुनाई दे रहे थे. ऐसे ही श्री देव बांके राघव जी मंदिर में वृंदावन से मंगाए गए 100 किलो मोगरा के फूल इंदौर से मंगवाए, 100 किलो गेंदा के फूल और 25 किलो गुलाब के फूलों से मंदिर को सजाकर फूल बंगला का रूप दिया गया था.

इस एकादशी पर व्रत रखने से मिलेगा सभी 24 व्रत का फल

राधा-कृष्ण गर्भ गृह से निकलकर मंदिर परिसर में विराजमान थे. उनके दर्शनों के लिए मंदिर में इतनी भीड़ उमड़ी थी कि पैर रखने के लिए भी जगह नहीं बची थी. मंदिर के पुजारी निताई दास ने जानकारी देते हुए बताया कि जेष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है. साल भर में जो 24 एकादशी आती है, कई लोग सभी 24 एकादशी को नहीं कर पाते हैं, तो वे अगर इस निर्जला एकादशी को करते हैं तो उन्हें 24 एकादशी के व्रत करने का फल प्राप्त होता है.

ढाई सौ साल पुराने इस मंदिर में बरसों से मंदिर को फूल बंगला के रूप में सजाने की परंपरा चली आ रही है. हर साल इसकी भव्यता बढ़ती ही जा रही है. इस बार फूल बंगला को और वृहद रूप दिया गया है. मंदिर के अंदर परिसर को तो सजाया ही गया है साथ ही मंदिर के बाहर रास्ते तक भी फूल के द्वार बनाए गए हैं. बाहर से लेकर अंदर तक केवल फूल ही फूल से इस मंदिर को सजाया गया है. खीर का भोग लगाकर प्रसादी वितरण हो रहा है श्री देव बांके राघव संकीर्तन मंडल के द्वारा भजन के माध्यम से ठाकुर जी की लीलाओं का वर्णन किया जा रहा है.

Tags: Festival, Madhya pradesh news, Religion, Sagar news

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Author: Up Head Line

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