इतने तरह के फूड से पेट में तेजी से बनाता है एसिड, कई बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा, अल्कलाइन फूड है इलाज

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हाइलाइट्स

शरीर को 75 से 80 प्रतिशत अल्कलाइन फूड की जरूरत होती है
शरीर में एसिड और अल्कलाइन का सही बैलेंस होना जरूरी है.

Acidic foods and Alkaline foods: केमिस्ट्री की क्लास निश्चित रूप से आपने पीएच वैल्यू के बारे में पढ़ा होगा. हर तरल पदार्थों के तत्व को जानने के लिए पीएच वैल्यू निकाला जाता है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आपके शरीर के अंदर यही पीएच वैल्यू अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. दरअसल, हम जो चीजें खाते हैं, वह सब पेट में जाकर तरल पदार्थों में बदल जाता है और यह एसिड होता है या बेस, इसमें पीएच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. जाहिर है कि यदि हमारे भोजन से एसिड की मात्रा ज्यादा होगी तो कई तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाएगा, इसलिए हमें यह जानना जरूरी है कि किस तरह के फूड से एसिड ज्यादा बनता है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर में क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट उषाकिरण सिसौदिया कहते हैं कि एसिडिटी (अम्लता) और अल्क्लेनिटी (क्षारता) हमारे स्वास्थ्य को संचालित करने वाली प्रक्रिया के लिए अति महत्वपूर्ण घटक है. इसे पीएच में माना जाता है. पीएच को 1 से 14 के बीच स्केल दिया जाता है. जब किसी तरल पदार्थ का पीएच वैल्यू 7 होता है यह उदासीन होता है. यानी इसमें न तो एसिड है और न ही अल्कलाइन. यह शुद्ध तरल पदार्थ है. पानी का पीएच वैल्यू 7 होता है. अगर किसी का पीएच वैल्यू 7 से जितना कम होगा, वह उतना ज्यादा एसिड होगा और 7 से जितना ज्यादा होगा, उसमें अल्कलाइन का उतना ज्यादा गुण होगा.

दोनों का बैलेंस जरूरी
शरीर में एसिड और अल्कलाइन का सही बैलेंस होना जरूरी है. अगर दोनों का संतुलन सही रहेगा तो एंजाइम सही से रिलीज होगा, जिससे पाचन अच्छा होगा और मेटाबोलिज्म भी सही से होगा. भोजन से प्राप्त पोषक तत्वों को एनर्जी के रूप में शरीर किस तरह से ग्रहण करता है, इसमें पीएच का महत्वपूर्ण योगदान है. इससे बॉडी से टॉक्सिन का डिटॉक्सिफिकेशन भी होगा लेकिन अगर इसमें गड़बड़ी हुई तो कई तरह के क्रोनिक डिजीज का खतरा बढ़ जाएगा. अगर भोजन से एसिड की मात्रा बढ़ती है तो हड्डियां कमजोर होने लगेगी और ऑस्टिपोरोसिस हो जाएगा.

कितना अल्कलाइन और एसिड की जरूरत
न्यूट्रिशनिस्ट अंजली मुखर्जी के मुताबिक शरीर को 75 से 80 प्रतिशत अल्कलाइन फूड की जरूरत होती है जबकि 20 से 25 प्रतिशत एसिडिक फूड की जरूरत होती है. अगर इसमें गड़बड़ी हुई तो दिक्कत शुरू हो जाती है.

क्या है अल्कलाइन फूड
बादाम, अधिकांश फ्रूट, हरी सब्जियां जैसे कि बींस, पालक, ब्रोकली, गाजर, स्प्राउट, साबुत अनाज आदि, अंजीर, किशमिश, अजवाइन आदि अल्कलाइन फूड के उदाहरण हैं. व्हीटग्रास उत्तम अल्कलाइन फूड है जिससे बॉडी से टॉक्सिन का डिटॉक्सिफिकेशन होता है.

एसिडिक फूड
रिफाइंड और प्रोसेस्ड फूड एसिडिक फूड के उदाहरण हैं. पैस्ट्रीज, व्हाइट राइस, पास्ता, व्हाइट पोटैटो, शुगरी ब्रेकफास्ट, कॉर्नफलेक्स, चिप्स आदि रिफाइंड फूड के उदाहरण हैं. इन फूड से बीपी, ब्लड शुगर सबके बढ़ने का खतरा रहता है. ये फूड एसिड की मात्रा को पेट में बढ़ा देते हैं. दूसरी ओर ब्रेड, चीज, मटन, रेड मीट, केक, बिस्कुट, पिज्जा, बर्गर, अंडा, अनाज, अल्कोहल आदि प्रोसेस्ड फूड जिनसे एसिड बहुत बनता है. इन फूड में कार्बोहाइड्रैट के साथ-साथ फैट भी बहुत होता है जो शरीर के लिए बहुत हानिकारक है. इनका सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए.

हेल्दी फूड क्या है
ताजे फल, हरी सब्जियां, फलीदार सब्जियां, सीड्स, बादाम, साबुत अनाज आदि हेल्दी फूड है. इनके साथ सीमित मात्रा में एसिडिक फूड का सेवन करना चाहिए.

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Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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Author: Up Head Line

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