
निखिल स्वामी/ बीकानेर. गर्मियों की छुट्टियां शुरु हो गई है. ऐसे में बच्चे घर पर ही ज्यादतर वक्त बिताते है. तापमान अधिक होने के कारण बच्चे घर से कम निकलते हैं. ऐसे में उनकी शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है. माता पिता अब बच्चों को सुबह और शाम को पार्क में ले जा रहे है जहां पर योग की निशुल्क रूप से कक्षाएं लग रही है. बीकानेर के भैरू कुटिया के पास पार्क, लाली बाई पार्क, जवाहर पार्क, म्यूजियम पार्क, बाबा रामदेव पार्क, लक्ष्मीनाथ मंदिर पार्क सहित कई पार्कों में सुबह और शाम को योगा की कक्षाएं लग रही है. यहां प्रशिक्षित योग ट्रेनर की ओर से योग की कक्षा ली जा रही है और योग की बारीकियों और उनके लाभ की भी जानकारी दे रहे है. इन दिनों पार्कों में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भाग ले रहे है.
योग प्रशिक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि योग दिवस को लेकर भी काफी तैयारिया चल रही है. गर्मी की छुट्टियों में बच्चे योग करके अपने शरीर को स्वस्थ रखने का प्रयास कर रहे है. शर्मा ने बताया कि इन दिनो बच्चे सूर्य नमस्कार सहित कई आसान और प्राणायाम कर रहे है. वे बताते है कि गर्मियों के मौसम में सुस्ती को दूर करने और मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों को योगासन करना सिखाएं. कुछ योगासन हैं, जो बच्चों की सेहत को बेहतर बनाते हैं और पढ़ाई में उनका ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं. योग से शरीर स्वस्थ, मन एकाग्र और ध्यान करने में शक्ति मिलती है.
बच्चों के लिए योग
ताड़ासन
बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने के लिए उन्हें नियमित ताड़ासन का अभ्यास करना चाहिए. ताड़ासन के अभ्यास से बच्चों की ब्रिदिंग कैपेसिटी बढ़ती है. इस आसन को करने से ऊर्जा के स्तर को बढ़ावा मिलता है. मूड अच्छा रहता है और बच्चों की लंबाई भी बढ़ती है.
वृक्षासन
गर्मियों की छुट्टियों में बच्चे घर से बाहर नहीं निकल पाते हैं, तो दिनभर घर पर ही कंप्यूटर, मोबाइल या टीवी देखने में समय व्यतीत करते हैं. दिनभर एक ही स्थिति में लेटे-बैठे रहने के कारण उनके शरीर में दर्द होने लगता है. इसके अलावा स्ट्रेस भी बढ़ सकता है. ऐसे में बच्चों को वृक्षासन के अभ्यास की आदत डलवाएं. वृक्षासन के अभ्यास से मन को शांति मिलती हैं, स्ट्रेस कम होता है और कमर व गर्दन के दर्द से राहत मिलती है.
धनुरासन
बच्चे के शरीर में लचीलापन और मांसपेशियों में मजबूती के लिए उनसे धनुरासन का अभ्यास कराएं. इस आसन से बच्चे की कमर मजबूत होती है. पीठ व हाथ दर्द से राहत मिलती है. शारीरिक सक्रियता बढ़ती है और लचीलापन आता है.








