
पवन कुमार/रेवाड़ी: श्री खाटू श्याम धाम के लिए श्रद्धालुओं की श्रद्धा अपरंपार है. राजस्थान के श्री खाटू श्याम धाम पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. रेवाड़ी के लोगों की भी आस्था खाटूश्याम धाम से जुड़ी हुई है, लेकिन क्या आपको पता है कि खाटूश्याम धाम से रेवाड़ी एक पुराना और गहरा नाता है. रेवाड़ी का एक ऐसा शख्स जिसे श्री खाटूश्याम का प्रथम परम भक्त भी कहा जाता है.
रेवाड़ी के रहने वाले श्याम बहादुर अग्रवाल श्री खाटूश्याम के प्रथम परम भक्त थे, जिन्होंने दूर-दूर तक बाबा की महिमा का प्रचार किया. कहा जाता है कि उस वक्त सीकर के राजा ने श्री खाटू श्याम मंदिर पर कब्जा करके ताला लगा दिया था. तब रेवाड़ी के श्याम बहादुर अग्रवाल मंदिर में बाबा के दर्शन करने गए थे. लेकिन, सैनिकों ने मंदिर में दर्शन करने नहीं दिए थे.
सैनिकों ने कहा था कि अगर तुम बाबा के असली भक्त हो तो खुद दरवाजा खुलवा लो, जिसके बाद श्याम बहादुर अग्रवाल ने मोरपंख छड़ी को मंदिर पर लगे ताले पर मारा और मंदिर का ताला टूटकर कपाट खुद-ब-खुद खुल गए. इसके बाद से श्री खाटूश्याम के प्रति लोगों की श्रद्धा और बढ़ गई. वहीं रेवाड़ी के श्याम बहादुर अग्रवाल को श्री खाटूश्याम बाबा के प्रथम भक्त के रूप में जाना जाने लगा.
असहाय को दी आंखों की रोशनी
श्याम बहादुर अग्रवाल के वंशज अनमोल अग्रवाल बताते हैं कि श्याम बहादुर अग्रवाल का असली नाम श्याम सुंदर अग्रवाल था. उनके पूर्वज राजस्थान के तिजारा में रहते थे. उस वक्त वहां पर भी श्री खाटू श्याम का मंदिर बनवाया गया था, जिसके बाद वे रेवाड़ी में आकर रहने लगे थे. अनमोल ने आगे बताया कि 1937 में बाबा ने मोरपंख छड़ी से श्री खाटू श्याम के मंदिर का ताला खोला था. बताया कि एक बार बहरोड़ में एक असहाय को चमत्कार से आंखों की रोशनी भी दिलाई गई थी. उस वक्त श्याम बहादुर की एक आंख की रोशनी चली गई थी और उस असाहय व्यक्ति की आंख की रोशनी आ गई थी, जिसके बाद बहरोड़ में भी श्री खाटूश्याम का मंदिर बनाया गया था.
श्याम बहादुर की गद्दी पर लगाते हैं हाजिरी
शहर के ठठेरा चौक स्थित कायस्थवाड़ा में श्याम बहादुर अग्रवाल की तस्वीर लगी है. यह वही जगह है, जहां श्याम बहादुर अग्रवाल रहते रहते थे. उनके निधन के बाद पीढ़ी दर पीढ़ी उनके वंशज भी श्री खाटू श्याम के प्रचार में लगे हैं. रेवाड़ी में श्याम बहादुर अग्रवाल की गद्दी की महिमा भी ऐसी है कि श्रद्धालु यहां पर भी अर्जी लगाने पहुंचते हैं. बड़े-बड़े कथा वाचक और भजन गायक भी रेवाड़ी में आते ही पहले श्री श्याम बहादुर अग्रवाल की गद्दी पर हाजरी लगाते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 13:19 IST








