
पटना. कैंसर का नाम सुनकर किसी की भी रूह कांप सकती है. लेकिन बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्होंने इस जानलेवा बीमारी का सामना करते हुए इसे मात दी है. कुछ ऐसी ही कहानी है पटना के श्याम सुंदर केसरी की. सरकारी नौकरी करने वाले श्याम सुंदर को एक दिन पता चला कि उनको ब्रेस्ट कैंसर हैं. यह सुनते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. मई 2022 में पहली बार इस बीमारी के बारे में पता चला और साल खत्म होते होते श्याम सुंदर पूरी तरह से ठीक हो गए. पिछले कई महीनों से वे काम पर भी जा रहे हैं. हालंकि इस बीमारी की वजह से उनके छाती के एक हिस्से को काट कर हटा दिया गया.
इससे पहले दो बार हुआ ऑपरेशन
श्याम सुंदर बताते हैं कि साल 2022 की शुरूआत में गांठ का चेकअप के दौरान यह मालूम चला कि मुझे स्तन कैंसर हैं. पहले तो समझ नहीं आया. सुना था कि यह महिलाओं में होता है.फिर पटना स्थित मेदांता में इलाज चला. दो बार सर्जरी हुई. इस दौरान बाएं तरफ के छाती के हिस्से को काट दिया गया. उसके बाद भी कई महीनों तक इलाज चला और अब बिल्कुल ठीक हूं. 2023 से काम पर भी लौट गया हूं और पहले जैसे मजबूती से काम भी कर रहा हूं. वे कहते हैं कि इस बीमारी के दौरान जब मुझे पैसों की जरूरत पड़ी, तो पिछले 36 सालों से हेल्थ फंड के नाम पर जो मैं अपनी सैलरी का हिस्सा जमा करता था, वह मेरे लिए काम आ गई.
समय पर पता चलने पर बच जाती है जिंदगी
कैंसर विशेषज्ञ डॉ. संदीप कुमार के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे ज्यादा होता है, लेकिन यह पुरुषों को भी होता है. स्टेज एक या दो पर अगर इसका इलाज शुरू कर दिया जाए, तो 90 फीसदी मरीजों को बचाया जा सकता है. वे कहते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को लोग अक्सर अनदेखा कर देते हैं. इस वजह से बाद में स्थिति काफी खतरनाक हो जाती है. इसीलिए समय रहते सिर्फ महिलाओं को ही नहीं पुरुषों को भी जकगरुक होने की जरूरत है. ताकि समय रहते इलाज हो सके. डॉक्टर बताते हैं कि अगर आपको ब्रेस्ट वाले हिस्से में कहीं भी गांठ जैसा महसूस हो जो दर्द ना करे लेकिन वो गांठ बढ़ता जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
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FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 11:10 IST








