Agriculture News : आम की खेती कर सालाना 5 लाख तक कमाते हैं यह शिक्षक, हर साल इनके बाग में होता है फलन

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रविकांत कुमार/मधेपुरा. परंपरागत खेती के अलावा आम की खेती कर भी सालाना लाखों का मुनाफा कमाया जा सकता है. इसका उदाहरण मधेपुरा के किसान प्रो. अरुण कुमार हैं, जिन्होंने 5 एकड़ में आम का बागीचा लगाया हुआ है. इससे उन्हें सालाना 5 लाख तक कि कमाई हो जाती है.

News18 लोकल से बातचीत करते हुए प्रो. अरुण कुमार ने बताया कि उनके पिताजी के द्वारा ही पहले कुछ आम के पौधे लगाए गए थे. जब उन्होंने खेती संभाली तो उन्हें लगा कि पारंपरिक खेती के अलावा बागवानी से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

50 वेराइटी का लगाए हुए हैं आम का पेड़
प्रो. अरुण बताते हैं कि इसके बाद उन्होंने आम के बारे में जानकारी हासिल करना शुरू कर दिया. अब वे 5 एकड़ में तकरीबन 50 वैरायटी के आम की खेती करते हैं. उन्होंने बताया कि 1 एकड़ में सालाना 1 लाख तक की आमदनी हो जाती है. इस हिसाब से प्रत्येक वर्ष 5 एकड़ में आम से 5 लाख रुपए कमा रहे हैं.

Agriculture News : सड़ कर गिर रहा है आम का फल तो यह है कारण? वैज्ञानिक बोले- इस कीटनाशक का करें छिड़काव

तीन साल के बाद होने लगती है आमदनी
उन्होंने बताया कि जानकारी के अभाव में लोग आम की खेती को घाटे का सौदा बताते हैं, लेकिन आम की खेती किसी भी प्रकार से घाटे का नहीं, बल्कि हर दृष्टिकोण से मुनाफे की खेती है. शुरुआत के दौर में किसानों को आम की खेती में आमदनी नहीं दिखाई देती है, लेकिन जैसे ही 3 वर्ष के बाद पैधे चौथे और पांचवें वर्ष में प्रवेश करते हैं, फलन होना शुरू हो जाता है. इसके साथ ही आमदनी भी शुरू हो जाती है.

उन्होंने बताया कि फिलहाल बमबई, मालदा, किशुभोग, जर्दालू, गुलाब खास, मलिका, सिंदुरिया, जले, दशहरी, आम्रपाली, कलकतिया जैसे आम का बाजार बहुत अच्छा है. यह सभी आम काफी संख्या में फलते भी हैं और बाजार में बड़ी आसानी से बिक भी जाते हैं.

सही से देखभाल करें तो हर साल होगा फलन
उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोगों का मानना है कि आम में हर एक साल के बाद फलन होता है. जबकि ऐसा नहीं है. उनका दावा है कि अगर पौधों की अच्छे से रखरखाव और देखभाल की जाए तो हर साल आम का फलन होगा. उन्होंने बताया कि मंजर शुरू होने से चार माह पूर्व से ही पौधों की रखवाली और उसकी सिंचाई शुरू कर दी जाती है. समय-समय पर जरूरी दवा का छिड़काव भी करना होता है, ताकि किसी भी प्रकार के कीट या रोग इत्यादि नहीं लगे और फलों की चमक बरकरार रहे. इससे बाजार में इसकी कीमत अच्छी मिलती है.

Tags: Agriculture, Bihar News, Madhepura news

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें