
पवन सिंह कुंवर/हल्द्वानी. उत्तराखंड के हल्द्वानी में स्थित वन अनुसंधान केंद्र में एक बेहद शानदार रुद्राक्ष वाटिका स्थापित की गई है. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल के पास रामपुर रोड में स्थित वन अनुसंधान केंद्र ने धार्मिक महत्व के रुद्राक्ष के पौधे को क्लोनल विधि से तैयार किया गया है. लंबी प्रक्रिया और शोध के बाद महकमे ने यह सफलता पाई है. वहीं, बढ़ती डिमांड की वजह से नर्सरी में इनके और पौधे तैयार किए जा रहे हैं. इन्हें आम लोगों को भी उपलब्ध करवाया जाएगा. 8 साल पहले हल्द्वानी की वन अनुसंधान केंद्र में बनी नर्सरी में 60 पौधे रोपित किए गए थे. अब क्लोन विधि से नए पौधे तैयार किए जा रहे हैं. क्लोन के माध्यम से बनाए गए पौधे मातृवृक्ष की तरह लगते हैं. लंबी प्रक्रिया व शोध के बाद अनुसंधान केंद्र को रुद्राक्ष का क्लोन बनाने में कामयाबी मिली है.
वन क्षेत्राधिकारी मदन सिंह बिष्ट ने इस बारे में बताया कि क्लोनल यानी एयर लेयरिंग विधि में तीन-चार साल के पौधे की शाखाओं में पेपपिन से रिंग काटा जाता है. फिर उसके ऊपर मौस लगाई जाती है. बाद में 250 माइक्रोन की पॉलीथिन से ढकने के साथ दोनों तरफ रस्सी बांध दी जाती है. करीब 45 दिन में जड़ें निकल जाती हैं, जिसे काटकर नए बैग में लगाया जाता है.15-20 दिन बाद यह पौधे रोपने लायक हो जाते हैं.
निशुल्क मिलेगा रुद्राक्ष का पौधा
उन्होंने आगे कहा कि अगर आप भी रुद्राक्ष के पौधे अपने घरों पर लगाना चाहते हैं, तो आप हल्द्वानी के वन अनुसंधान केंद्र से यह पौधे ले सकते हैं. यहां से आप पौधे निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं. आप यहां आकर रुद्राक्ष के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं, भी आप केंद्र पर आकर उनसे मिल सकते हैं.
रुद्राक्ष के फूलों का रंग होता है सफेद
बता दें कि रुद्राक्ष के पेड़ भारत समेत विश्व के अनेक देशों में पाए जाते हैं. यह भारत के पहाड़ी क्षेत्रों तथा मैदानी इलाकों में भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. रुद्राक्ष का पेड़ अन्य वृक्ष की ही तरह होता है. इसके पेड़ 50 से लेकर 200 फीट की ऊंचाई तक पाए जाते हैं. इसके पत्ते आकार में लंबे होते हैं. रुद्राक्ष के फूलों का रंग सफेद होता है तथा इस पर लगने वाला फल गोल आकार का होता है, जिसके अंदर से गुठली रूप में रुद्राक्ष होता है. हम अक्सर लोगों को साधु-संतों व अन्य लोगों के गले में रुद्राक्ष की माला देखते हैं. लोग इसे लेकर जप करते हैं. पर क्या आप जानते हैं इसका महत्व क्या है. रुद्राक्ष के बारे में बहुत कुछ बेहद कम ही लोग जानते होंगे.
क्या है रुद्राक्ष का आध्यात्मिक महत्व ?
रुद्राक्ष धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है और मान्यता है कि इसे धारण करने वाले व्यक्ति पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है. भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए रुद्राक्ष का पूजन और दान बहुत श्रेयस्कर माना गया है. माना जाता है कि रुद्राक्ष के दर्शन से पुण्य लाभ, स्पर्श से उसका 100 गुना पुण्य लाभ और धारण करने से करोड़ गुना पुण्य लाभ मिलता है और इसकी माला का मंत्र जप करने से करोड़ गुना पुण्य प्राप्त होता है.
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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 22:20 IST








