
राहुल दवे/इंदौर.पर्यावरण और आस्था को बचाने की इंदौर के महाकाल मानव संस्थान कीपहल सराहनीय है. मंदिरऔर घर से निकलने वाली पूजन सामग्री एवं फूल हार आदि के विसर्जन की समस्या को देखते हुए संस्थान ने निर्माल्य पूजन सामग्री वाहन कासंचालन शुरू किया है.अभी तक निर्मल्य एवं पूजा सामग्रीको कुएं, नदी बावडियों में विसर्जित करने की प्रथा रही है. जिससे पर्यावरण को नुक्सान होता था अब इंदौर केमहाकाल मानव संस्थान ने घर-घर जाकर ऐसी सामग्री इकट्ठी करनी शुरू की है. इसके लिए वाहन भी चलाए गए हैं.
इन वाहनों के शुरू होने से घरों और मंदिरों से निकलने वाली पूजन सामग्री और निर्माल्य को कुए बावड़ी या नदी नालों में प्रवाहित नहीं करना पड़ेगा. भगवान के निर्माल्य से हमारी आस्था जुडी हुई है इसी वजह से हम से कचरा गाड़ी में भी इसे नहीं डालसकते. आस्था पर आघात ना हो इसलिए महाकाल मानव सेवा संस्थान ने शहर में ऐसे वाहन शुरू किए हैं जो डोर टू डोर कचरा गाड़ी की तरह घर घर से पूजन सामग्री एकत्र करेंगे. सभी ई वाहन है. उक्त सभी वाहनों की अन्नपूर्णा मंदिर परिसर में विधि विधान से पूजा अर्चना कर शुभारंभ किया गया.
आस्था पर आघात ना हो
समारोह में समिति प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा ने बताया की भगवान को चढ़ाने वाले हार-फूल आदि सामग्री के विसर्जन की समस्या को देखते हुए वाहनों को शुरू किया गया है. फिलहाल अभी शुरूआत छः वाहन से की है, जो राऊ विधानसभा के अलग मार्गों से होते हुए हर घर से पूजा सामग्री को एकत्र करेगा, जिसके बाद उक्त सामाग्री को नगर निगम को सौपा जाएगा. निगम इसका उपयोग खाद बनाने में करेगा.
निगम इसका उपयोग खाद बनाने में करेगा
संस्था के सदस्य पीयूष पांडे ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक प्रदीप मिश्रा ने अपनी कथा के दौरान आस्था को आघात न पहुंचने के लिए इस तरह की शुरुआत करने का आह्वान किया था .उन्हीं के वक्तव्य को प्रार्थना स्वरूप हमने हमारे जीवन में स्वीकार किया और इस पुनीत कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं
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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 16:40 IST








