
अभिषेक रंजन/मुजफ्फरपुर. ‘मैं खुद साल 2008 से डायबिटीज का मरीज हूं. इस कारण से अपना पसंदीदा फल आम खाने की इच्छा होने के बावजूद नहीं खा पाता था. लेकिन अब मैंने शुगर फ्री आम ही विकसित कर लिया. अब न तो मुझे और न ही मेरे जैसे डायबिटीज के मरीजों को आम खाने में कोई दिक्कत नहीं होगी’…. यह दावा है मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड के बिंदा गांव के रहने वाले किसान राम किशोर सिंह का. उनकी इसी लगन को देखते हुए उन्हें विगत दिनों महाराष्ट्र के जलगांव में ASM फाउंडेशन ने उद्यान रत्न पुरस्कार दिया है. इसमें देश की प्रतिष्ठित जैन इर्रिगेशन जैसी संस्था भी शामिल थी. राम किशोर इससे पहले भी कृषि के क्षेत्र में कई पुरस्कार और क्विज कॉन्टेस्ट जीत चुके हैं.
फलों का राजा आम के दीवाने पूरे विश्व में मिल जाएंगे. ऐसे में डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए अब बाजार में आम का ऐसा ऑप्शन मौजूद है, जो उनकी सेहत को नुकसान भी नहीं पहुंचाएगा और आम के मूल स्वाद में भी रहेगा. किसान राम किशोर सिंह कहते हैं कि आम के इसी किस्म की पैदावार के लिए उन्हीं प्रसिद्धि मिली है. उनके द्वारा उपजाए जाने वाले शुगर फ्री आम की चर्चा पूरे देश में है.
लैब में हो चुका है टेस्ट
राम किशोर सिंह बताते हैं कि आम तौर पर लोकप्रिय मालदा आम का टीएसएस यानी टोटल सॉल्युबल सब्सटेंस 25 तक रहता है. लेकिन उनके द्वारा उपजाए जाने वाले आम का टीएसएस 12-13 ही रहता है, जो मधुमेह पीड़ितों के सेहत के लिए बिल्कुल भी नुकसान दायक नहीं है. उन्होंने लैब में भी आम का टेस्ट करा रखा है.
4000 में बेचते हैं पौधा
राम किशोर बताते हैं कि शुगर फ्री आम उगाने की आकांक्षा रखने वाले लोग उनकी नर्सरी से पौधा खरीद सकते हैं. मुशहरी प्रखंड के रोहुआ रोड के कृष्णा प्रिया नर्सरी से 4000 रुपए प्रति पौधा की दर से आप पौधा प्राप्त कर सकते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 16:37 IST








