
धीरेंद्र चौधरी/रोहतक: ‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले… वतन पर मिटने वालों का बाकी यही निशां होगा’ शहीदों की शहादत को सच्ची श्रद्धांजलि के लिए सरकारें, संस्थाएं,आम जनता कई तरह के आयोजन करती है. लेकिन रोहतक में एक ऐसा स्मारक है, जिसमें प्रदेश के तमाम शहीदों का नाम लिखा गया है. यहां पर जिलेवार हर लड़ाई के दौरान शहीद हुए वीरों के नाम शिलापट्ट पर लिखे गए हैं.
रोहतक के महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय में एक राज्य स्तरीय युद्ध स्मारक बनाया गया है. इसका उद्देश्य यही था कि हमारी युवा पीढ़ी को प्रदेश के उन शहीदों के नाम याद रहें, जिन्होंने अपनी जान देकर मातृभूमि की रक्षा की है. इस स्मारक पर 1947-48 के भारत-पाक युद्ध, 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए प्रदेश के सभी जवानों के नाम लिखे गए हैं. इसके अलावा कारगिल, ऑपरेशन ब्लू स्टार, ऑपरेशन रक्षक आदि के दौरान शहीद हुए सभी जवानों के नाम भी शिलापट्ट पर लिखे गए हैं.
कुल 1565 शहीदों के नाम
इस स्मारक में उन सभी वीर जवानों के फोटो भी लगाए गए हैं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस के बूते देश की सीमाओं की रक्षा की. इस शिलालेख पर 1565 शहीदों के नाम लिखे गए हैं, जिनमें 1947-48 की लड़ाई में शहीद हुए 30, 1962 के 254, 1965 के 305, 1971 के 373, कारगिल के 75 और ऑपरेशन रक्षक के 527 शहीदों के नाम लिखे गए हैं. 1965 की लड़ाई में हरियाणा के 5 वीर सपूतों को महावीर चक्र मिला था और 15 को वीर चक्र से सम्मानित किया गया था.
शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि
एमडीयू के जनसंपर्क विभाग के निदेशक सुनीत मुखर्जी ने बताया कि 2007 में इस स्मारक का निर्माण किया गया था और अगर कोई जवान शहीद हो जाता है तो उनके जिले और लड़ाई का ब्यौरा इस शिलापट्ट पर अंकित कर दिया जाता है. यह सभी हरियाणा वासियों और देश वासियों के लिए गौरव का स्थान है. अपनी मातृभूमि पर जान न्योछावर करने वाले शहीदों को यह सच्ची श्रद्धांजलि भी है. इस स्मारक के जरिए सदियों तक इन शहीदों को याद रखा जाएगा.
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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 16:27 IST








