
अखिलेश सोनकर/चित्रकूट. यूपी के चित्रकूट जिले के एक घर में उस वक्त खुशी का माहौल में मायूसी छा गई जब छोटे भाई की शादी के लिए पैसे कमाने गया युवक शादी वाले दिन भी घर न पहुंचा. उसे बंधुआ मजदूर बना लेने की खबर से परिवार में मातम का माहौल छा गया.
चित्रकूट जिले का मानिकपुर पाठा क्षेत्र रोजगार की वजह से पलायन करने को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहा है. यहां ज्यादातर लोग मुंबई, गुजरात, कर्नाटक व अन्य राज्यों में जाकर परिवार के भरण-पोषण के लिए काम करते हैं. लेकिन अक्सर इन लोगों को फैक्ट्री मालिक के इशारों पर नाचना पड़ता है. ऐसे ही एक मामला मानिकपुर थाना के अंतर्गत ग्राम सूअर गढ़ा का है. 6 माह पहले डभौरा का रहनेवाला ठेकेदार मुन्ना यादव सुअरगढ़ा से हीरालाल पुत्र सुंदरलाल व शिवनारायण पुत्र शिवधारी को 15, 15 सौ रुपए एडवांस देकर राजस्थान में काम कराने ले गया. हीरालाल अपने छोटे भाई की शादी के लिए पैसे कमाने के लिए चला गया था. ठेकेदार इनसे बालाजी कंपनी व जगदंबा कंपनी में काम करवाता था. कुछ माह बीत जाने के बाद उनको पैसों की आवश्यकता पड़ी तो ठेकेदार ने पैसा देने से इंकार कर दिया और उन्हें प्रताड़ित करने करने लगा.
एक महीने पहले शिवनारायण चुपके से भाग कर घर आ गया. उसने अपने घर में आपबीती सुनाई और हीरालाल के घर जाकर उसका हाल भी बताया. जिसे सुनकर हीरालाल के माता-पिता व भाई-बहन रो उठे. हीरालाल के पिता सुंदरलाल ने बताया कि आज तक हीरालाल ने एक भी पैसे घर पर नहीं भेजे और अब मेरे बेटे की शादी थी. पर वहां के कंपनी के मालिक ने उसको आने नहीं दिया. उससे जबरदस्ती मजदूरी करवा रहा है. इस मामले में पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला का कहना है कि पीड़ित की तरफ से अभी तक कोई भी शिकायती पत्र नहीं मिला है. आपके द्वारा यह मामला संज्ञान में लाया गया है. थाने की पुलिस को भेजकर पीड़ित की तरफ से तहरीर प्राप्त कर मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी.








