
विजय राठौड़/ग्वालियर: सिंधिया राजघराना अपने वैभव और ठाठ बाट के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जाना जाता है. यह राजघराना देश के बड़े राजघराना में शामिल है. जहां आज भी राजसी नियम कायदे कानून के साथ कार्य किए जाते हैं. इन्हीं में से एक विशेष कार्य होता है पूजा पाठ का, जिसे राजघरानों के पुरोहित संपन्न कराया करते थे.
सिंधिया राजघराने में आज भी विशेष पूजा पाठ या विशेष अवसरों पर होने वाली पूजा-अर्चना के लिए राजपुरोहितों को ही सम्मानपूर्वक बुलाया जाता है. उनका आदर सत्कार किया जाता है. आइए जानते हैं सिंधिया घराने के इन खास राजपुरोहितों के बारे में जो आज भी महल में होने वाले विशेष प्रयोजनों के लिए पूरे आदर सत्कार के साथ बुलाए जाते हैं.
9 पीढ़ियों से कर रहे हैं राजघराने का पुरोहित्य
सिंधिया राजघराने की राजपुरोहित का परिवार है. जो बीते 9 पीढ़ियों से राजघराने का पुरोहित्य करते आ रहे हैं. वर्तमान में इस परिवार में दो भाई मौजूद हैं, जिनके बच्चे बाहर रहते हैं लेकिन आज भी जब महाराज के यहां कोई कार्य पूजा-पाठ संबंधित होना होता है, तो शेंडे परिवार को ही आमंत्रित किया जाता है.
शेंडे साहब नाम से विख्यात
शेंडे परिवार में दोनो भाई त्रिंबक शंकर शेंडे और चंद्रकांत शंकर शेंडे नया बाजार में जिस मकान में रह रहे हैं. वह शेंडे साहब का बड़ा के नाम से विख्यात है और यह भी सिंधिया परिवार द्वारा ही दिया गया है. उन्होंने बताया कि वे विशेष अवसर जैसे दशहरा पूजन, शमी पूजन, गोरखी पूजन, विवाह, जनेऊ संस्कार, ग्रह शांति पूजा, लक्ष्मी पूजा, राजतिलक आदि पर सिंधिया परिवार के लिए पूजा करने जाते है. जिसके लिए राजपरिवार की और से बुलावा तो आता ही है. साथ जैसे पूर्व में बघी आती थी, आज गाड़ी आती है.
आज भी मिलती है हर माह दक्षिणा
शेंडे परिवार की माने तो राज परिवार द्वारा उनका आज भी पूरा ख्याल रखा जाता है. इतना ही नहीं पुरोहित परिवार के घर होने वाले कार्यक्रमों में शामिल भी होते हैं. साथ ही हर संभव सहायता भी की जाती हैं. उन्होंने बताया कि आज भी राजपरिवार कि ओर से हर माह दक्षिणा के रूप में कुछ राशि भी भिजवाई जाति है. इसके अलावा विशेष पूजाओं के अवसर पर भी दक्षिणा के साथ विदा किया जाता है.
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FIRST PUBLISHED : June 02, 2023, 12:20 IST








