दिल है कि मानता नहीं…50 साल पहले जैसलमेर के राम को दिल दे बैठी ऑस्‍ट्रेलिया की मरीना, हर साल आती मिलने

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प्रतापा‌ राम/जैसलमेर. जहां हरियाली की कल्पना भी बेमानी हो, उस जमीं पर एक दिल में एक प्रेम कहानी पचास साल से जिंदा है. किसी ने कहा है कि ‘इतनी शिद्दत से मैंने तुम्हें पाने की कोशिश की है कि हर जर्रे ने मुझे तुमसे मिलाने की साजिश की है…’ यह कहानी जैसलमेर के 85 साल के बुजुर्ग और उनकी ऑस्ट्रेलियाई हम उम्र की है. जैसलमेर से 20 किलोमीटर दूर कुलधारा जगह है. भूतिया और शापित माने जाने वाला यह गांव इन दिनों अमर प्रेम की कहानी का गवाह बन रहा है.

दरअसल 1970 के दशक में ऑस्ट्रेलियाई युवती जैसलमेर घूमने आई थी. उस वक्त सुमार राम तीस साल के थे. उन्होंने मरीना को जैसलमेर में घुमाया. ऊंट पर रेगिस्तान का सफर करवाया. मरीना जैसलमेर में पांच दिन रही थी. इस दौरान सुमार राम और मरीना एक-दूसरे को दिल दे बैठे. 50 साल पहले पांच दिन की जैसलमेर यात्रा पूरी करने के बाद ऑस्ट्रेलिया जाते-जाते मरीना ने उसे ‘आई लव यू’ बोला तो वह शरमा गए. इसके साथ मरीना ने उसे ऑस्ट्रेलिया आने का न्यौता दिया. बाद में वह 30 हजार रुपये का कर्ज लेकर ऑस्ट्रेलिया भी गए और मरीना के साथ तीन महीने रहे थे.

मरीना ने रखा था शादी का प्रस्ताव
सुमार राम के मुताबिक, इस दौरान मरीना ने मुझे अंग्रेजी सिखाई और मैंने उसको घूमर नृत्य सिखाया था. मरीना ने मेरे सामने शादी का प्रस्ताव रखा और शर्त यह थी कि आपको ऑस्ट्रेलिया में ही बसना पड़ेगा, लेकिन मेरे लिए जैसलमेर और परिवार छोड़ना सम्भव नहीं था. जबकि मरीना के लिए ऑस्ट्रेलिया छोडना. यहां आकर परिवार के दबाव में शादी कर ली और बच्चे हो गए. समय के पहिये के साथ सब कुछ पीछे छूट गया. साथ ही बताया कि करीब 4 साल पहले एक खत मिला था, जिसमें ‘How are you my Dear friend लिखा. यह खत ऑस्ट्रेलिया से मरीना का था. एकाएक मेरे मन में 55 साल पुराने मंजर खिल उठे और मैं 30 साल को हो गया. खत में अपने मरीना ने अपना नंबर दिया और अब हमारी फोन पर बात होती रहती है. सुमार राम के मुताबिक, मरीना हर साल ऑस्‍ट्रेलिया से मिलने आती है.

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FIRST PUBLISHED : June 02, 2023, 10:13 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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