मनीषा कोइराला (Manisha Koirala) बॉलीवुड ही नहीं बल्कि नेपाली और साउथ फिल्म इंडस्ट्री की भी बेहतरीन एक्ट्रेस हैं. उन्होंने हिंदी, नेपाली, तमिल और तेलुगु के अलावा अंग्रेजी और बंगाली फिल्मों में भी काफी काम किया. उन्होंने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और अब भी देख रही हैं. राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली मनीषा डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन किस्मत ने उन्हें एक्ट्रेस बना दिया. वो हीरोइन बनने का सपना पूरा करने के लिए दिल्ली से मुंबई आईं, लेकिन यहां उन्हें कुछ ऐसा देखना पड़ा, जिसके बारे में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था. यहां तक कि उन्हें किसी ने मनहूस तो किसी ने बदसूरत तक बोल डाला.
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मनीषा कोईराला ने फिल्म इंडस्ट्री को कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं और आज भी लोग पर्दे पर उनकी मासूमियत को याद करते हैं. उनका जन्म नेपाल के काठमांडू में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, उनके पिता प्रकाश कोइराला एक राजनीतिज्ञ थे और मां एक गृहिणी थीं.
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मनीषा के भाई सिद्धार्थ कोइराला भी एक अभिनेता हैं और उनके परिवार के कई सदस्य राजनीति से जुड़े हुए हैं. उनके दादा बिश्वेश्वर प्रसाद कोइराला 50 के दशक के अंत से 60 के दशक के प्रारंभ तक नेपाल के प्रधान मंत्री थे. उनके परदादा गिरिजा प्रसाद कोइराला और मातृका प्रसाद कोइराला भी पीएम थे. मनीषा वाराणसी में अपने ननिहाल में रहती थी और 10वीं बोर्ड परीक्षा के ब्रेक के दौरान उन्होंने 1989 में नेपाली फिल्म फेरी भेटौला में काम किया. इस तरह से वे एक बहुत ही संपन्न परिवार से आती हैं बावजूद इसके वे अपनी खुद की एक पहचान बनाना चाहती थीं.
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पहले वे डॉक्टर बनने के लिए दिल्ली चली गईं, जहां उन्होंने कुछ मॉडलिंग असाइनमेंट भी किए. हालांकि, बाद में उन्होंने पूरी तरह से एक्टिंग पर फोकस किया और वे मुंबई शिफ्ट हो गईं. तभी वे अभिनय में हाथ आजमाना चाहती थीं लेकिन इसी इंडस्ट्री में उन्हें एक मशहूर डायरेक्टर ने ‘मनहूस’ बता दिया था.
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मनीषा कोइराला ने सुभाष घई की फिल्म ‘सौदागर’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इसके बाद वे 1991 में फर्स्ट लव लेटर में नजर आईं. फिर ‘अनमोल’, ‘धनवान’ जैसी फिल्मों में नजर आईं. ये सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं, जिसके बाद से निर्माता उन्हें फिल्मों के लिए ‘बेहूदा’ कहने लगे.
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अभिनेत्री को जाने-माने प्रोड्यूसर विधु विनोद चोपड़ा ने भी उनके लिए तीखे शब्द कह डाले और उनकी तमाम फिल्में रिलीज नहीं हो सकीं. अभिनेत्री ने 1994 में चोपड़ा की 1942: A Love Story में काम किया और इसी की स्क्रीन टेस्ट के दौरान उन्होंने मनीषा को स्टूपिड एक्ट्रेस यानी वाहियात तक बोला था. हालांकि, उन्होंने कभी हार नहीं मानी. उन्हें अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर कामयाबी मिली.
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जिस विधु विनोद चोपड़ा ने पहले स्क्रीन टेस्ट में मनीषा कोइराला को रिजेक्ट कर दिया था और उन्हें ‘वाहियात’ एक्ट्रेस तक कह दिया था. बाद में जब मनीषा ने अपना दूसरा ऑडिशन दिया तो उन्हें परफॉर्मेंस पसंद आया और उन्होंने माधुरी दीक्षित की जगह उन्हें कास्ट कर लिया. ये फिल्म हिट रही और लोगों ने मनीषा को खूब पसंद किया. उन्हें माधुरी दीक्षित का हमशक्ल भी कहा जाता था.
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मनीषा ने शादी की और 2 साल बाद जब उनका तलाक हुआ, वे शॉक्ड रह रह गई. इसके बाद जब उन्हें डिम्बग्रंथि के कैंसर का पता चला तो वे और भी ज्यादा हैरान हुई. लेकिन कहते हैं कि जिंदगी आगे बढ़ने का नाम है. उन्होंने हर मुश्किल का हिम्मत से सामना किया और आज वे अपनी शर्तों पर जिंदगी जी रही हैं.









