
अभिनव कुमार/दरभंगा. जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर दूर स्थित है बहेरी प्रखंड अंतर्गत आने वाला हरहच्च गांव. हिंदुओं की एक बड़ी आबादी वाले इस गांव में मुख्य द्वार पर पीर बाबा की मजार है. मान्यता है कि यह पीर बाबा इस गांव की रक्षा करते हैं. चाहे वह न्यायालय से संबंधित मामले हो या फिर बीमारी से संबंधित.
यही कारण है कि इस गांव के लोगों की आस्था इनके प्रति घनिष्ठ बनी हुई है. इसे आस्था कहे या अंधविश्वास लेकिन इस गांव के लोगों की श्रद्धा इस पीर बाबा से काफी ज्यादा बंधी हुई है. इसी वजह से इस गांव के हर एक व्यक्ति अपने गांव से बाहर एक भी कदम रखने से पहले इस पीर बाबा के आगे सजदा जरूर करते हैं.
मजार कब स्थापित हुआ पता नहीं
गांव के स्थानीय डोमू दास बताते हैं कि इस पीर बाबा के मजार की स्थापना कब हुई किसी को भी नहीं पता है. हजार वर्ष पहले हुआ या कब हुआ हमारे पूर्वजों को भी नहीं पता है. बस इतना जानते हैं कि एक समय ऐसा था जब बगल के निमैठी गांव से केस चल रहा था, तो कोर्ट में हरहच्च गांव के लोगों को जाने में देर हो गई. जब तक यहां के लोग वहां पहुंचे तो कोर्ट में डिग्री लेकर पीर बाबा बाहर इन लोगों को कागजात सौंपकर लापता हो गए. हर तरफ से यह लोगों की रक्षा करते हैं.
बीमारी से भी इस गांव को सुरक्षित रखे हुए हैं. इस गांव के लोगों की आस्था है. इस गांव से बाहर जाने से पहले इनके आगे सर झुकाते हैं, तभी आगे बढ़ते हैं. इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है.
हिंदू परिवार ही करता है इनकी पूजा
यहां के हिंदू परिवारों के द्वारा नित्य दिन इनकी पूजा की जाती है. वह भी मुस्लिम विधि से. गौरतलब है कि आमतौर पर जहां हिंदू देवी देवताओं का मंदिर या पिंड स्थापित हो वहां पर इस प्रकार के पीर नहीं होते हैं, लेकिन यहां पर एक ही परिसर में शिव पार्वती का मंदिर है.उसी परिसर में पीर बाबा भी मौजूद हैं. लोगों का कहना है कि यह हमे बहुत कुछ सीखाता है.
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FIRST PUBLISHED : June 01, 2023, 15:20 IST









