
प्रदीप धनखड़/बहादुरगढ़: कोरोना संक्रमण कम के बाद धीरे-धीरे जिन्दगी ट्रैक पर आ गई है. अब रोजगार के रास्ते भी खुलने लगे हैं. बहादुरगढ़ के फुटवियर क्लस्टर में फुटवियर ट्रेनिंग सेंटर है. बताय जाता है कि यह एशिया का सबसे बड़ा ट्रेनिंग सेंटर है. यह सेंटर रोजगार पाने का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है.
इसमें स्पोर्ट्स फुटवियर को कैसे डिजाइन किया जाता है? कैसे सिलाई होती है? पेस्टिंग कैसे होती है? इन सब से लेकर जूता बनने तक की पूरी प्रक्रिया की ट्रेनिंग दी जा रही है. बताया गया कि अनस्किल्ड कर्मियों को तकनीकी तौर पर ट्रेंड किया जा रहा है. फुटवियर क्लस्टर से ट्रेनिंग लेकर 5500 लोगों को रोजगार भी मिल चुका है. ट्रेनिंग के बाद हर एक कर्मचारी को 25 से 30 हजार तक की नौकरी मिल रही है.
एक साथ 600 लोगों को दी जा सकती है ट्रेनिंग
फुटवियर क्लस्टर की खास बात है कि यहां एक साथ 600 लोगों को ट्रेनिंग दी जा सकती है. HSIIDC के एमडी अनुराग अग्रवाल भी इसका निरीक्षण कर चुके हैं. एसडीएम बहादुरगढ़ भूपेन्द्र ने भी ट्रेनिंग की पूरी प्रक्रिया देखी है. बीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेन्द्र छिकारा ने आसपास के बेरोजगार युवाओं से फुटवियर की ट्रेनिंग लेने की अपील की है, क्योंकि फुटवियर में रोजगार के अवसर खुले हुए हैं. बहादुरगढ़ के फुटवियर क्लस्टर में स्थित विभिन्न नामी-गिरामी जूता कंपनियों में दूसरे राज्यों से काम करने आने वाले लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है.
यहां कई फैक्ट्रियों में बनते हैं जूते
बता दें कि बहादुरगढ़ के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र और फुटवियर पार्क में सैकड़ों फैक्ट्रियों में जूते बनाने का काम हो रहा है. बहादुरगढ़ एशिया का सबसे बड़ा फुटवियर क्लस्टर है, जो देश भर की 60% नॉन लेदर जूते की आपूर्ति को पूरा करता है. यहां जूते-चप्पल, सैंडल और फैंसी डिजाइन वाली जूतियां बनाई जाती हैं.
बढ़ेंगे रोजगार के असवर
आने वाले समय में रोहतक में भी करीब 500 एकड़ जमीन पर बहुत बड़ा फुटवियर क्लस्टर स्थापित होने वाला है, जहां प्लॉट एलॉटमेंट प्रोसीजर चल रहा है. बहादुरगढ़ के बाद जब रोहतक में भी बड़ा फुटवियर कलस्टर शुरू हो जाएगा, तब वहां काम करने वाले लोगों की भी जरूरत पड़ेगी. ऐसे में अगर युवा बहादुरगढ़ फुटवियर इंस्टिट्यूट में ट्रेनिंग लेते हैं तो वे जूता उद्योग में बेहतर करियर बना सकते हैं.
.
FIRST PUBLISHED : June 01, 2023, 14:34 IST








