हाइलाइट्स
आजादी के 1 साल 10 महीने बाद भोपाल का भारत संघ में विलय हुआ था
1 जून को भोपाल विलीनीकरण दिवस के रूप में मनाया जाता है
74 साल हो गए भोपाल को भारत में विलीन हुए
भोपाल. आज भोपाल खुशी से नाच रहा है, गौरव दिवस का जश्न मना रहा है. 74 साल पहले आज ही दिन यानी 1 जून 1949 को भोपाल 227 साल के नवाबी शासन से आजाद हुआ था और भोपाल रियासत का भारत में विलय हुआ था. 1 जून का दिन भोपाल के लिए 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस जैसा महत्व रखता है, क्योंकि उसने नवाबी दौर से निकल जनतंत्र की दिशा में पहला कदम रखा था.
15अगस्त 1947 को भारत को मिली आजादी के बाद भोपाल के विलीनीकरण आंदोलन की शुरूआत हुई थी और लगभग दो साल के आंदोलन, तमाम कुर्बानियों और इस दौरान भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू तथा गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के भोपाल के भा्रत संघ में विलय के प्रयासों के फलस्वरूप भोपाल को नवाबी शासन से आजादी मिली. इस प्रकार भोपाल का भारत में आजादी के करीब-करीब दो साल बाद विलय हुआ.
आपके शहर से (भोपाल)

PHOTOS: विक्की कौशल को सारा अली खान ने खिलाया इंदौरी पोहा-जलेबी, फिर किया ताबड़तोड़ डांस

Sarkari Naukri: जल शक्ति विभाग में 1.60 लाख सैलरी वाली निकली नौकरी, ग्रेजुएट करें आवेदन

MP CG SuperFast 100 | MP Chhattisgarh News | Aaj Ki Taaja Khabar | आज की ताजा खबरें | Latest News

कुबेरेश्वर धाम वाले प्रदीप मिश्रा से जानें टोटके का रहस्य, रुद्राक्ष का महत्व भी समझें, बोले- जहां राम वहां शिव

Bhopal : स्वीकृति पत्र देने के लिए लाडली बहनों के घर पहुंचे CM Shivraj | Top News | Latest News | MP

सारा अली खान को भाया जॉनी हॉट डॉग, विक्की कौशल ने उठाया पोहा-जलेबी का लुत्फ, देखें तस्वीरें

PHOTOS: नेपाल के पीएम प्रचंड को डिनर कराएंगे सीएम शिवराज, किस बात की ओर है इशारा?

Jabalpur : State GST की 22 टीमों की दबिश, 3 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी का किया खुलासा | Top News

OMG: बंवडर से पतंग की तरह उड़ा शादी में लगा टेंट, जान बचाने के लिए भागने लगे लोग, PHOTOS

Punjab : ‘आइसक्रीम पकौड़ा’ का भगवंत मान कनेक्शन !, ठंडी-ठंडी Ice Cream के गरमा-गर्म पकौड़े ! | Top
तीसरा देश बनाना चाहते थे नवाब हमीदुल्ला
भोपाल नगर निगम के पूर्व कमिश्नर देवीशरण के मुताबिक के मुताबिक भोपाल के आखिरी नवाब हमीदुल्ला नहीं चाहते थे कि भोपाल रियासत का भारत में विलय हो. वह प्रिंसली स्टेट जूनागढ़, हैदराबाद, त्रावणकोर जैसी रियासतों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र गलियारा बनाते हुए एक तीसरे देश के रूप में अस्तित्व रखना चाहते थे, लेकिन नेहरू और सरदार पटेल के आगे उनकी एक न चली और भोपाल रियासत का भारत में विलय करना पड़ा.
लाल कोठी (राजभवन) में फहराया गया था तिरंगा
इस आंदोलन की शुरुआत करने वाले वरिष्ठ पत्रकार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भाई रतन कुमार के बेटे भोपाल स्वातंत्र्य आंदोलन स्मारक समिति के संयोजक आलोक गुप्ता बताते हैं कि आधिकारिक रूप से पहली बार भोपाल में तिरंगा 1 जून 1949 को लाल कोठी , जो वर्तमान में राजभवन है, वहां फहराया गया था. यहां केन्द्र की ओर नियुक्त मुख्य आयुक्त एनबी बनर्जी ने सलामी ली थी. सार्वजनिक रूप से झंडावंदन बेनजीर ग्राउंड पर हुआ था. इसमें शहर के तमाम लोग शामिल थे. भोपाल की आजादी का जश्न बेहद सादगी से मनाया गया था. जुमेराती बाजार को झंडियों से सजाया गया था और कुछ मिठाईयां बांटी गई थी.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल गौरव दिवस पर वीडियो शेयर किया है.
शानदार अतीत और प्रगतिशील वर्तमान,
सुनहरे भविष्य की मिसाल…
“अपना भोपाल”सभी भोपाल वासियों को “भोपाल गौरव दिवस” की मंगल शुभकामनाएं। pic.twitter.com/kO40PUtikK
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) June 1, 2023
.
Tags: Bhopal, Jawahar Lal Nehru, Nawab Malik, Sardar patel
FIRST PUBLISHED : June 01, 2023, 13:34 IST








