
नई दिल्ली. मणिपुर में जारी हिंसा के बीच गृह मंत्री राज्य के दौरे पर हैं जहां शांति कायम करने के प्रयास किए जा रहे हैं. मणिपुर दौरे पर वो मैतेई और कुकी समुदाय के बीच उत्पन्न हुए विवाद का हल निकालने की योजना पर काम कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई के सूत्रों के मुताबिक पूरे मसले पर गृह मंत्री तीन स्तरीय दृष्टिकोण से हल निकालने का प्रयास कर रहे हैं. इस वक्त नाराज प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 को कई स्थानों पर ब्लॉक कर दिया है. जिसके चलते मणिपुर में खाने पीने की चीजों का भी संकट पैदा हो गया है. आवश्यक वस्तुओं के दामों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा को तुरंत रोकने और जल्द से जल्द शांति स्थापित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं. सूत्रों का कहना है कि मसले का हल निकालने के लिए तीन स्तर पर काम किया जा रहा है. पहला- प्रभावित लोगों के साथ बातचीत करना. दूसरा- विस्थापित लोगों का सुरक्षा के साथ पुनर्वास करना व तीसरा- विद्रोहियों पर नियंत्रण करना है. सरकार के समक्ष प्रमुख चुनौती मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भरोसा कायम करना है. सूत्रों ने कहा केंद्र मणिपुर में समाज के हर वर्ग तक पहुंचने के लिए सभी प्रयास कर रहा है और स्थायी शांति के लिए उनमें एक न्यूनतम आम सहमति बनाने के लिए काम कर रहा है.
सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बल सभी समुदायों के सदस्यों से कह रहे हैं कि अगर उनके पास हथियार हैं तो उन्हें सौंप दें. मैतेई और कुकी दोनों समुदायों के प्रभावित लोगों में से कुछ, जिन्हें सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया गया था, वे अपने घर लौटना चाहते हैं. सूत्रों ने कहा कि प्रशासन को निर्देश दिया जा रहा है कि उन्हें सुरक्षित वातावरण मुहैया कराया जाए ताकि वे अपना सामान्य जीवन फिर से शुरू कर सकें. पूर्वोत्तर राज्य में विश्वास बहाली के उपायों के तहत यात्रा कर रहे शाह समाज के सभी वर्गों से बात कर रहे हैं और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. गृह मंत्री ने कहा है कि मणिपुर की शांति और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधिकारियों को शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है.
तीन मई को मणिपुर में जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद गृह मंत्री पहली बार पूर्वोत्तर राज्य का दौरा कर रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है. मणिपुर में ‘जनजातीय एकता मार्च’ के बाद पहली बार जातीय हिंसा भड़क उठी थी. अनुसूचित जाति (एसटी) के दर्जे की मांग को लेकर मैतेई समुदाय ने तीन मई को प्रदर्शन किया था जिसके बाद ‘जनजातीय एकता मार्च’ का आयोजन किया था. आरक्षित वन भूमि से कुकी ग्रामीणों को बेदखल करने को लेकर तनाव के चलते, पहले भी हिंसा हुई थी, जिसके कारण कई छोटे-छोटे आंदोलन हुए थे.
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FIRST PUBLISHED : May 31, 2023, 19:26 IST








