1000-2000 छोड़िए, 500 का नोट भी जारी नहीं करता सबसे ताकतवर मुल्क, आखिर क्यों?

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अपने देश में पिछले दिनों दो हजार रुपये के नोट को बंद करने का फैसला किया गया है. वर्ष 2016 में नोटबंदी के समय सरकार ने उस वक्त चलन में मौजूद 1000 और 500 रुपये के नोटों को बंद कर दिया था. उसकी जगह 500 के नए और दो हजार के नोट जारी किए गए थे. अब एक बार फिर दो हजार रुपये के नोट को चलन से बाहर करने का फैसला किया गया है. इसके लिए देशवासियों को सुविधा दी गई है कि वे दो हजार के नोट बैंकों को सौंप दें और उस मूल्य के बराबर दूसरे नोट हासिल कर लें. खैर, हम आज दुनिया की सबसे ताकतवर मुद्रा के बारे में बात कर रहे हैं. यह देश दुनिया की अर्थव्यवस्था को संचालित करता है. इसकी मुद्रा से दुनिया भर में व्यापार होता है.

पूरी दुनिया इसकी मुद्रा की दीवानी है. मगर आश्चर्य की बात है कि इतनी प्रतिष्ठित मुद्रा होने के बावजूद यहां पर बड़े नोट्स नहीं हैं. यह पर सात मूल्य में नोट्स जारी किए जाते हैं. ये हैं 1, 2, 5, 10, 20, 50 और अधिकतम 100. यहां पांच सौ और एक हजार के मूल्य में भी नोट्स जारी नहीं किए जाते.

दरअसल, यह देश है अमेरिका और इसकी मुद्रा डॉलर दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित करेंसी है. दुनिया के सभी वित्तीय संस्थान और तमाम देश अपना अंतरराष्ट्रीय कारोबार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में ही करते हैं. कुल मिलाकर कहा जाए तो दुनिया की अर्थव्यवस्था इसी डॉलर पर टिकी है. भारत सहित अधिकतर देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार का आंकलन भी डॉलर में ही करते हैं. भारत को अपने खरबों डॉलर के आयात बिल का भुगतान अमेरिकी डॉलर में ही करना होता है. यानी यह एक ऐसी मुद्रा है जो दुनिया के कोने-कोने में स्वीकार्य है और हर कोई इसे बेहद चाव से लेना चाहता है.

पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी प्रतिष्ठित मुद्रा होने के बावजूद इसके नोट बड़े क्यों नहीं हैं. यानी 500 या 1000 के मूल्य में इसे क्यों नहीं छापा जाता है. दरअसल, अमेरिका दुनिया की सबसे विकसित अर्थव्यवस्था है. यहां पर संवैधानिक संस्थानें बहुत प्रभावी हैं और ब्लैक मनी का सवाल ही नहीं है. कैश में केवल छोटे-मोटे ट्रांजेक्शन किए जाते हैं. सारे बड़े भुगतान और ट्रांजेक्शन चेक और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए किए जाते हैं. इससे यहां की जनता को बड़े नोट्स की जरूरत नहीं है. ऐसी भी रिपोर्ट्स आती हैं कि 500 डॉलर से अधिक का कैश ट्रांजेक्शन काफी कम होता है. दूसरी बात है कि अमेरिका इतना विकसित मुल्क है कि यहां पर करीब-करीब हर एक व्यक्ति तक बैंक की पहुंच है.

दुनिया का सबसे बड़ा बैंक नोट
दुनिया में सबसे बड़ा बैंक नोट सिंगापुर डॉलर है. वहां पर 10 हजार के नोट छापे जाते हैं और ये चलन में भी है. जहां तक वैल्यू की बात है तो एक सिंगापुरी डॉलर की वैल्यू 0.74 अमेरिकी डॉलर है. यानी 10 हजार सिंगापुर डॉलर की वैल्यू 7377 अमेरिकी डॉलर है. जहां तक भारत की बात है तो हमारी मुद्रा इन मुल्कों की तुलना में कमजोर है. आज एक अमेरिकी डॉलर की भारतीय रुपये में वैल्यू 82.70 रुपये है. सिंगापुर डॉलर का वैल्यू 61 रुपये है. इस तरह सिंगापुर के 10 हजार डॉलर के नोट की भारतीय रुपये में वैल्यू 61,0270 रुपये से अधिक है.

Tags: Indian currency

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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