100 साल पुराना घर बना कमाई का जरिया, जानिए कैसे

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सोनिया मिश्रा,रुद्रप्रयाग/ऊखीमठ: ‘उत्तराखंड के पहाड़ों में ना रोजगार है और न ही मूलभूत सुविधाएं, जिसकी वजह से हमने पलायन कर लिया है’. ऐसा कहने वाले वैसे तो तमाम लोग आपको मिल जाएंगे, लेकिन इन सबसे इतर कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने इन्हीं पहाड़ों में रोजगार भी ढूंढा है और अपने पुराने बंजर पड़े पुश्तैनी मकानों को होमस्टे में बदलकर इन घरों से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. इससे न सिर्फ इनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो रही है, बल्कि इसके साथ साथ पर्यटकों को भी अपने घर से दूर रहकर भी अपने घर का अहसास करवा रहे हैं.

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ ब्लॉक से महज 2 किलो मीटर पर किमाणा गांव के निवासी डॉक्टर कैलाश पुष्पवान पहाड़ों में रोजगार सृजन कर अपने आप में एक उदाहरण पेश कर रहे हैं.

बता दें कि वनस्पति विज्ञान में मास्टर्स और पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त कर डॉ पुष्पवान ने ऊखीमठ को अपनी कर्मस्थली चुना और 2007 से लगातार हिमालयन पहाड़ी घर को होम स्टे बनाकर पर्यटकों को पहाड़ों की ओर आकर्षित कर रहे हैं. विश्व बैंक की परियोजना में पर्यावरण विशेषज्ञ के रूप में भी कैलाश ने सेवाएं दी हैं. जबकि हिमालयन ग्रामीण विकास संस्था ऊखीमठ के जरिए भी यह ग्रामीणों को रोजगार सृजन से जोड़ने के लिए यह कार्यक्रम चलाते रहे हैं. नौनिहालों (छोटे बच्चों) को लाइब्रेरी का बंदोबस्त करना सहित अनगिनत कार्य डॉ कैलाश पुष्पवान बिना शोर गुल के अंजाम दे रहे हैं.

डॉ कैलाश पुष्पवान बताते हैं कि आने वाले दिनों में मुझे पूर्ण विश्वास है कि होम स्टे के जरिए रिवर्स माइग्रेशन की उम्मीदों को जरूर पंख लगेंगे और जो लोग अपने पुश्तैनी मकानों को अकेला कर रोजगार या किसी और कारण से गांवों को छोड़ चले गए हैं वह जरूर वापस लौटेंगे.

100 साल पुराना घर कर रहा आकर्षित

डॉ पुष्पवान बताते हैं कि ऊखीमठ के किमाणा गांव में बना हमारा होमस्टे मुख्य सड़क से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित है. जो लगभग 100 साल पुराना है. जहां दूर दूर से पर्यटक और रिसर्च करने के लिए लोग आते हैं. हमारी कोशिश रहती है कि उन्हें घर जैसा माहौल हम मुहैया करवा सकें. हम उनसे पर एक आदमी का साढ़े बारह सौ रुपए खाने पीने के साथ ही लेते हैं. लेकिन पूरी व्यवस्थाएं उन्हें मुहैया करवाते हैं.

होमस्टे में मुंबई से पहुंचे कोषा, वामा, और ईशान बताती हैं कि हम तीनों ने हिमालयन होम स्टे में रहें हैं यह होम स्टे जितना देखने में सुंदर हैं उतनी ही सुंदर यह ऊखीमठ जगह भी है. और यह होमस्टे हमें पहाड़ी कल्चर से रूबरू होने का मौका देता है.इसके साथ ही साथ उन्होंने कहा कि होमस्टे का खाना भी बेहद अच्छा है.

Tags: Money18, Uttarakhand news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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