
हाइलाइट्स
गूगल के साल 2004 से लेकर 2023 तक के आंकड़ों में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
साल 2004 के बाद से गूगल पर अपने जेंडर को लेकर सर्च 1,300 फीसदी बढ़ गई है.
मेरिका के उटाह राज्य में पारंपरिक और सामाजिक मूल्यों वाली सोच में तेजी से गिरावट आ रही है.
नई दिल्ली. लोगों के मन में कोई भी सवाल आता है तो सबसे पहले उसका जवाब इंटरनेट और गूगल पर खोजते हैं. अमूमन किसी सब्जेक्ट या घटना से जुड़ी जानकारी तो इंटरनेट से लेना सामान्य बात है. लेकिन, बीते कुछ साल सेलोग इस पर बड़ी अजीब सी जानकारी खोजने की कोशिश कर रहे हैं. यह किसी वस्तु, घटना या व्यक्ति के बारे में नहीं है बल्कि खुद के बारे में जानने के लिए लोग गूगल का सहारा ले रहे हैं. गूगल के साल 2004 से लेकर 2023 तक के आंकड़ों में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
दरअसल, मार्केट रिसर्च कंपनी कल्चरल करेंट इंस्टीट्यूट ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि साल 2004 के बाद से गूगल पर अपने जेंडर को लेकर सर्च 1,300 फीसदी बढ़ गई है. इसका मतलब है कि 20 साल पहले जहां 1 आदमी गूगल पर खुद के जेंडर को लेकर सवाल करता था, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया है. इस सर्च में लोग पूछते हैं कि क्या मैं गे हूं (Am I Gay), क्या मैं लेस्बियन हूं (Am I Lesbian), क्या मैं ट्रांसजेंडर हूं (Am I Trans), इससे कैसे बाहर आऊं (how to come out) और क्या मैं नॉन-बाइनरी (Nonbinary) हूं. नॉन-बाइनरी का मतलब होता है कि जब एक ही व्यक्ति के अंदर स्त्री और पुरुष दोनों की पर्सनॉलिटी रहने लगे.
अमेरिका में बढ़ी ज्यादा परेशानी
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के उटाह राज्य में पारंपरिक और सामाजिक मूल्यों वाली सोच में तेजी से गिरावट आ रही है. यहां पर ऊपर दी गई 5 कैटेगरी में से शुरुआती 3 को लेकर लोगों के मन में ज्यादा सवाल आ रहे हैं. हालांकि, यहां ज्यादातर लोग अब भी अपने सामाजिक मूल्यों की वजह से टॉप 3 कैटेगरी वाले सवालों को सही नहीं मानते हैं. इसके अलावा दूसरी राज्य ओकाहामा में लोगों के मन में एक ही सवाल सबसे ज्यादा आता है कि इससे कैसे बाहर आऊं.
इस रिपोर्ट से यह चिंता भी लोगों के सामने आ रही है कि अमेरिकी राज्य अभी एक तरह की चुनौती से जूझ रहे हैं, जिसमें लोग अपनी खुद की पहचान को खोजने की कोशिश कर रहे हैं. यह स्थिति लोगों को एक गंभीर समस्या की ओर ले जा रही है.
सभी 50 राज्यों में बढ़े आंकड़े
रिसर्च पेपर जारी करने वाली संस्था कल्चरल करेंट इंस्टीट्यूट ने ये आंकड़े अमेरिका के सभी 50 राज्यों से जुटाए हैं. ये आंकड़े बीते दो दशक के दौरान जुटाए गए हैं. इसमें दिए गए आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिका का सामाजिक ताना-बाना खराब हो रहा है. इससे आने वाली पीढ़ी भी खुद को लेकर असमंजस में रहेगी, जिसका खामियाजा रिश्तों को भी भुगतना पड़ सकता है.
.
Tags: Business news in hindi, Google, Google chrome, Transgender
FIRST PUBLISHED : May 31, 2023, 12:05 IST








