
नई दिल्ली. भले ही चीन लाख धर्मनिरपेक्ष होने की ढोंग कर ले लेकिन रह-रह कर उनका मुस्लिम विरोधी चेहरा सामने आ ही जाता है. दक्षिण-पश्चिम चीन में 14वीं सदी की एक मस्जिद के हिस्से को तोड़ा गया. जिसके चलते मुस्लिम समुदाय ने इसे लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. स्थिति इतनी ज्यादा खराब हो गई कि भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी. युन्नान प्रांत के नागू में नजियायिंग मस्जिद में तोड़फोड़ पर यह विवाद शुरू हुआ.
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से ही वहां मौजूद अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति अपना कड़ा रुख बनाए रखती है. लोगों को उनके धर्म का अपने तरीके से पालन करने की आजादी नहीं दी जाती है. धर्म को मानने के तरीके में भी कम्युनिस्ट पार्टी पूरा नियंत्रण रखना चाहती है. चीन अपने चिर परिचित अंदाज में नजियायिंग मस्जिद विवाद को दबाने के लिए सोशल मीडिया पर सेंसर लगा रहा है. नजियायिंग मस्जिद मुद्दे पर इस वक्त चीन के सोशल मीडिया पर केवल सरकार के पक्ष में ही चर्चाएं नजर आ रही हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार को चीन के प्रशासन ने नजियायिंग मस्जिद के कुछ हिस्से को गिराने का अभियान शुरू किया था, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हालात बेकाबू हो गए. साल 2020 में चीन की एक अदालत ने यह आदेश दिया था कि मस्जिद के साथ जोड़े गए गुंबद और मीनारें अवैध हैं. जब इस निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई तो भारी संख्या में लोग वहां एकत्रित हो गए. उन्होंने इसका विरोध किया और काफी वक्त तक काम को रुकवाए भी रखा.
???? Footage from China’s Yunnan province allegedly shows clashes between Hui Muslims and police after being denied mosque entry.
Online info hints at authorities planning mosque demolition. pic.twitter.com/f0MTjZZqZg— Mete Sohtaoğlu (@metesohtaoglu) May 29, 2023
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Tags: China, China news
FIRST PUBLISHED : May 30, 2023, 23:26 IST








