
नई दिल्ली. पिछले कई महीनों से देश का नाम रोशन कर चुके कुछ पहलवानों के निशाने पर आए बीजेपी सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) ने भले ही कुश्ती संघ से इस्तीफा दे दिया हो लेकिन ये दावा करने से पीछे नहीं हटते कि वो निर्दोष हैं. बीजेपी सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने न्यूज 18 इंडिया से खास बातचीत में कहा कि पूरे मामले में मैं दोषी नहीं हूं. मुझ पर दाग कोई नहीं लगा सकता. क्योंकि मैं अपने आप को जानता हूं.
बृजभूषण शरण सिंह कु्श्ती संघ की राजनीति से अलग हट चुके हैं और साफ कर चुके हैं कि वो कुश्ती संघ का अगला चुनाव नहीं लडेंगे. लेकिन वो ये बताने से नहीं चूकते कि कैसे उनकी खिलाफ मुहिम चल रहे पहलवानों की मांगे लगातार बदलती रहीं हैं. सिंह ने आरोप लगाया कि पहले पहलवानों ने उनके इस्तीफे की मांग की, फिर उत्पीड़न का आरोप लगाया और जब खेल मंत्रालय ने समिति बना दी तो फिर महिला पहलवानों ने पॉस्को में शिकायत कर दी. बृजभूषण का कहना है कि आखिर 4 महीने बाद पहलवानों ने एफआईआर की मांग क्यों शुरु कर दी?
बृजभूषण सिंह के खिलाफ मुहिम में लगे पहलवानों का बदलता स्टैंड
बृजभूषण ने कहा कि पहलवानों की मांगे लगातार बदल रही हैं जबकि वे अपने पहले स्टैंड पर कायम हैं. ये साबित करता है कि उनके खिलाफ एक साजिश चल रही है. दिल्ली पुलिस भी उन्हें बुला कर 5-6 घंटे पूछताछ कर चुकी है. उनके मुताबिक एक साफ तस्वीर उभर कर सामने आ रही है कि इस पूरी मुहिम में कुछ ताकतों का हाथ है. हालांकि उन ताकतों के बारे में बताने से उन्होने साफ इंकार भी कर दिया. उन्हें शत प्रतिशत भरोसा है कि उनके खिलाफ कोई भी आरोप साबित नहीं हो पाएंगे.
कुश्ती संघ के चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं
बृजभूषण शरण सिंह को दुख इस बात का है कि महीनों से चल रही इस जांच से सबसे बड़ा नुकसान भारत में कुश्ती और युवा पहलवानों को हुआ है. बृजभूषण शरण सिंह का मानना है कि पहलवानों की लडाई कुश्ती संघ के खिलाफ नहीं बल्कि उसके अध्यक्ष के खिलाफ थी. इसलिए संघ के पूरे के पूरे कैलेंडर को रद्द कर देने का कोई औचित्य नहीं था. उसे जारी रखना चाहिए था. उसे रोकने से ही धरना कर रहे पहलवानों और उनके पीछे खड़ी ताकतों को लड़ाई जारी रखने की ताकत मिली.
पहलवानों को जब सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा तो नौकरियां कैसे मिलेंगी ?
बृजभूषण सिंह कहते हैं पहले लखनऊ और फिर महाराष्ट्र में होने वाले टुर्नामेंट रद्द हुए. अंतराष्ट्रीय टुर्नामेंटों के लिए शीर्ष पहलवान भले ही चुन लिए जाएंगे लेकिन देश के दूसरे हिस्सों-खासकर पूर्वोत्तर के राज्यों, महाराष्ट्र, यूपी जैसे राज्यों से इन टुर्नामेंट मे भाग लेकर पदक जीतने वाले पहलवानों को जब सर्टिफिकेट ही नहीं मिलेगा तो इस खेल के आधार पर नौकरियां कैसे मिलेंगी. उनके मुताबिक अब समाधान एक ही नजर आ रहा है कि जल्दी से जल्दी भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव हों और जो टुर्नामेंट कैलेंडर में थे, उन्हे एड हॉक समिति फिर से शुरु करे.
मुझपर लगाए गए सभी आरोप गलत-बृजभूषण सिंह
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अगर कोई छोटा आरोप भी साबित हो जाता है तो वो फांसी तक के लिए तैयार हैं. हालांकि वो ये साफ करने से पीछे नहीं हटते कि मामला दिल्ली पुलिस की जांच से जरुर कोई रास्ता निकलेगा. सिंह कहते हैं कि दिल्ली पुलिस पर उन्हें पूरा भरोसा है. बृजभूषण सिंह का दावा है कि देश के हर राज्य के पहलवान उनके समर्थन में हैं. उन्होंने कहा कि मैं भी देश भर से पहलवानों का आह्वान कर सकता था कि जो मेरे समर्थन में है वो सामने आए. मैने ऐसा नहीं किया फिर भी कई पहलवान जिसमें हरियाणा के भी कई पहलवान शामिल हैं, खुल कर मेरे पक्ष में सामने आए.
ये पहलवान अब किसके लिए लड़ाई लड़ रहे हैं
अब नाराज पहलवानों में अपना अगला दांव चला है मेडल विसर्जन का. लेकिन सवाल तो ही उठता है कि जब मामला पुलिस के पास है, कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है, खेल मंत्रालय की समिति काम कर रही है, बृजभूषण सिंह खुद संघ के चुनाव दंगल से हट गए हैं, फिर तमाम राजनीतिक दलों, खाप पंचायत, किसान संघ को अपनी लड़ाई में हिस्सा बनाकर ये पहलवान अब किसके लिए लड़ाई लड़ रहे हैं.
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Tags: Brij Bhushan Sharan Singh, Indian Wrestler, Wrestling Federation of India
FIRST PUBLISHED : May 30, 2023, 19:26 IST








