हाइलाइट्स
यह फैसला लोगों की तरफ से मिल रही अभूतपूर्व प्रतिक्रिया के मद्देनजर लिया गया है.
यहां आने वाले लोग कुशल एक्सपर्ट कारीगरों के साथ बातचीत भी कर सकते हैं.
दर्शक इस सेंटर और इसकी ऑफरिंग्स से जुड़े कई पहलुओं की सराहना कर रहे हैं.
मुंबई. नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र ने रिलायंस फाउंडेशन की स्वदेश प्रदर्शनी (SWADESH exhibition) की समयसीमा को और बढ़ा दिया है. यह फैसला लोगों की तरफ से मिल रही अभूतपूर्व प्रतिक्रिया के मद्देनजर लिया गया है, क्योंकि लोग पारंपरिक मास्टर शिल्पकारों (Traditional master craftspersons) को काम करते हुए देखना काफी पसंद कर रहे हैं. यह प्रदर्शनी यहां पहुंचे दर्शकों को अनोखा अनुभव देती है. लोग इसमें जबरदस्त आर्टवर्क जैसे कि पिछवाई, तंजौर, पट्टचित्र के अतिरिक्त पटोला, वेंकटगिरी, बनारस, पैठन और कश्मीर की बुनाई और जयपुर की ब्लू पॉटरी (Blue Pottery) देख जुड़ाव महसूस कर रहे हैं.
यहां आने वालों को कुशल एक्सपर्ट कारीगरों के साथ बातचीत करने का भी मौका मिलता है. काम कर रहे शिल्पकार (क्राफ्ट्समैन) पारंपरिक करघे पर कालीन और साड़ी बनाते हुए, पेंटिंग बनाने के लिए वनस्पति स्याही (Vegetable inks) और सुई का उपयोग करते हुए, दर्शकों के साथ बातचीत करते हैं. सेंटर पर पहुंचे दर्शकों के लिए यह एक अनूठा अनुभव है.
स्वदेश प्रदर्शनी के कलाकारों के साथ रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर व चेयरपर्सन नीता अंबानी.
कारीगर देश के गौरव : नीता अंबानी
रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष नीता अंबानी ने कहा, ‘भारत के कारीगर हमारे देश का गौरव हैं. उनकी कला और शिल्प हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं. हमारे लिए यह एक सम्मान की बात है कि NMACC के जरिये हम उन्हें उनके कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करके उन्हें सम्मानित और पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ते रहने में सहयोग कर पा रहे हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे यह देखकर बहुत खुशी होती है कि उन्हें हमारे भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों से बड़े स्तर पर अट्रैक्शन और प्रशंसा मिली है. मैंने उनके साथ बातचीत में सुखद अनुभव महसूस किया है. उनकी कहानियों को सुनना और अपने शिल्प के प्रति उनके असाधारण जुनून को देखना अभिभूत करने वाला था. स्वदेश हमारी विरासत का उत्सव है और मुझे आशा है कि यह हमारे कारीगरों के लिए सम्मान, मान्यता और जीविका की एक नई शुरुआत का प्रतीक है.’
दुनियाभर में हो रही NMACC की प्रशंसा
जब से नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (NMACC) दुनिया के लिए खोला गया है, यहां पहुंचने वाले दर्शक इस सेंटर और इसकी ऑफरिंग्स से जुड़े कई पहलुओं की सराहना कर रहे हैं. स्वदेश एक्सपीरिएंस ज़ोन में पारंपरिक कलाकारों के स्पेस अथवा जगह को बेहद खूबसूरती से डिजाइन किया गया है. लोग यहां स्टालों पर न केवल कुशल कारीगरों का काम देख सकते हैं, बल्कि खरीद भी सकते हैं. मूल रूप से 2 अप्रैल तक 3 दिन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था, परंतु अब इसे कारीगरों को मिल रही भारी प्रशंसा के कारण बढ़ा दिया गया है. बहुत अधिक संख्या में पहुंचने वाले लोगों और क्राफ्ट्स के दैनिक ऑर्डर की संख्या से साफ होता है कि इसका क्रेज बरकरार है. बता दें कि बिक्री से होने वाली पूरी कमाई कारीगरों को ही जाती है.
स्वदेश प्रदर्शनी के दौरान सैंड आर्टिस्ट के साथ बातचीत करतीं रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी.
क्या हैं प्रदर्शनी के खास आकर्षण
आगे बढ़ाई गई प्रदर्शनी में, तमिलनाडु से पलागई पदम – तंजौर पेंटिंग, आंध्र प्रदेश से वेंकटगिरी वीव्स, गुजरात से पटोला वीव्स और आंध्र प्रदेश से थोलू बोम्मलता लेदर शैडो पपेट्री शामिल हैं. तंजौर पेंटिंग्स में देवताओं के असाधारण गोल्ड फॉइल डिपिक्शन, वेंकटगिरी बुनाई के जटिल जरी पैटर्निंग वाले महीन कपड़े, गुजरात की पटोला बुनाई, आंध्र प्रदेश से थोलू बोम्मलता शैडो पपेट्री मुख्य रूप से इस शोकेस का हिस्सा हैं.
रिलायंस फाउंडेशन दे रहा मंच
वर्षों से, रिलायंस फाउंडेशन ने पारंपरिक भारतीय कारीगरों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अपने काम को व्यापक रूप में दर्शकों तक ले जाने के लिए एक मंच दिया है. लुप्तप्राय कला के रूपों को पारंपरिक कलाकारों और शिल्पकारों के लिए आजीविका के अवसरों के साथ एक तरह से नया जीवन मिलता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनका काम व्यवहार्य बना रहे.
भारत की विरासत का विश्व में प्रदर्शन
इस प्रयास की अभूतपूर्व सफलता नए सांस्कृतिक केंद्र के मूलमंत्र में एक और पहलू जोड़ती है – वह है राष्ट्रीय और वैश्विक मंचों पर भारत की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करना. इन प्रयासों ने कारीगरों को निरंतर रोजगार के अवसर प्रदान करते हुए कलाकृतियों को संरक्षित करने में मदद की है. स्वदेश कारीगरों के लिए लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में उस दिशा में एक और कदम है. गौरतलब है कि नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (Nita Mukesh Ambani Cultural Centre) मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के केंद्र में स्थित है. यह जियो वर्ल्ड सेंटर के अंदर कला के क्षेत्र में अपनी तरह का पहला सेंटर है.
(डिस्क्लेमर- नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)
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Tags: Business news in hindi, Indian Culture, Nita Ambani, Reliance Foundation, Reliance industries
FIRST PUBLISHED : May 30, 2023, 10:53 IST








