
बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) में कांग्रेस (Congress) ने नई सरकार भले ही बना ली है, मगर उसका भीतरी संकट अभी सुलझता नहीं दिख रहा है. सबसे पहले मुख्यमंत्री के पद को लेकर सिद्धारमैया (Siddaramaiah) और राज्य पार्टी अध्यक्ष डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के बीच जमकर रस्साकशी हुई. आलाकमान ने इसे किसी तरह एक समझौता फॉर्मूला की मदद से हल किया तो मंत्रियों के नामों को लेकर अड़चन आई. मंत्रियों के नामों पर सहमति बनी और जब सभी मंत्रियों ने शपथ ले ली तो ताजा विवाद विभागों के बंटवारे को लेकर हुआ है. जिसके बाद मजबूर होकर सीएम सिद्धारमैया को कई मंत्रियों के विभागों में फेरबदल करना पड़ा.
सोमवार को जारी विभागों की नई संशोधित सूची के मुताबिक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने वित्त के अलावा आईटी और जैव प्रौद्योगिकी (IT,BT) को अपने पास रखा है. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक खबर के मुताबिक ताजा फेरबदल में सीएम सिद्धारमैया ने छोटे-छोटे विभागों में बदलाव करके उन कई असंतुष्ट मंत्रियों को खुश करने की कोशिश की है, जो अच्छे विभागों पर नजर गड़ाए हुए थे. एमबी पाटिल को पहले उद्योग विभाग के अलावा आईटी और बीटी सौंपा गया था. लेकिन फेरबदल के बाद इसे ग्रामीण विकास विभाग के साथ प्रियांक खड़गे को दिया गया. वहीं एमबी पाटिल ने यह कहते हुए अपनी नाराजगी जाहिर कर दी कि वह आईटी और बीटी विभाग रखना चाहते थे. विवाद को खत्म करने के लिए आखिरकार सीएम सिद्धारमैया ने ये पोर्टफोलियो अपने पास रखने का फैसला किया. सीएम सिद्धारमैया इसे बाद में किसी को दे सकते हैं.
खबरों के मुताबिक वरिष्ठ मंत्री रामलिंगा रेड्डी परिवहन विभाग दिए जाने से परेशान थे. जिसे उन्होंने सिद्धारमैया के पिछले शासन के दौरान संभाला था. अब उनको मुजरई (मंदिर) विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर साथ शांत किया गया. इसके लिए शिवकुमार ने रविवार को रेड्डी से मुलाकात की और उन्हें विभाग कबूल करने के लिए मनाया. सूत्रों का कहना है कि 8 बार के विधायक रेड्डी मुख्य रूप से इसलिए परेशान थे, क्योंकि बेंगलुरु के उनके कनिष्ठ कैबिनेट सहयोगियों- कृष्णा बायरेगौड़ा, बीजेड जमीर अहमद खान और दिनेश गुंडुराव को राजस्व, आवास और स्वास्थ्य जैसे ‘महत्वपूर्ण’ विभाग दिए गए थे.
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FIRST PUBLISHED : May 30, 2023, 07:14 IST









