मणिपुर: गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले पहुंचा News18, दोनों समुदाय चाहते हैं शांति

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इम्‍फाल. मणिपुर (Manipur) में हिंसा के कारण सड़कें सूनी हैं और पूरा परिदृश्‍य बता रहा है कि राज्‍य कठिन समय से गुजर रहा है. सोमवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) यहां पहुंच रहे हैं और वे राज्‍य की स्थिति का जायजा लेंगे. अपने दौरे में वे मुख्‍यमंत्री बीरेन सिंह और सुरक्षा बलों से मुलाकात करेंगे. इस दौरे के पहले News18 की टीम एयरपोर्ट पहुंची, जहां पुलिस ने हमारे प्रेस कार्ड चेक किए और उनकी फोटोकॉपी की. इसके बाद रास्ते में एक पुलिसकर्मी ने कहा कि यहां से जाने वाले यात्रियों की संख्या, यहां आने वालों से कहीं अधिक है. यहां बहुत कम यात्री आ रहे हैं. लेकिन हमें उम्मीद है कि चीजें जल्द ही ठीक हो जाएंगी.’

हमने भी पाया कि सिपाही जो कहा रहा है, वह बिलकुल सच है. हकीकत में हमारे विमान में कम यात्री थे, जबकि हवाईअड्डा तनावग्रस्त चेहरों से भरा हुआ था, जो राज्य से बाहर निकलने की प्रतीक्षा कर रहे थे. कड़ी सुरक्षा उपस्थिति तनाव में इजाफा करती है, क्योंकि कर्फ्यू मेडिकल स्टोर को छोड़कर सभी को बंद रखता है. पुलिसकर्मी हर कार और आदमी को हर संकरी गली में चेक करते हैं. जले हुए घर और सड़कों के आसपास बिखरे सामान ताजा हिंसा की याद दिलाते हैं. नागरिक ज्यादातर घर के अंदर रहते हैं.

कई दौर की सुरक्षा बैठकें करेंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार शाम को मणिपुर का दौरा करने वाले हैं और सुरक्षा बलों और सीएम बीरेन सिंह से मुलाकात करेंगे. गृह मंत्री 29 मई से 1 जून तक राज्य में रहेंगे. शाह स्थिति का आकलन करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए आगे के कदमों की योजना बनाने के लिए कई दौर की सुरक्षा बैठकें करेंगे. उनके नागरिक समाज और मेइती और कुकी समुदायों के विभिन्न समूहों के प्रतिनिधियों से भी मिलने की उम्मीद है.

आदिवासी एकजुटता मार्च’ के बाद भड़की थी हिंसा, 75 से अधिक मौतें हुई
मणिपुर में 3 मई को पहाड़ी जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ का आयोजन किया गया था. इसके बाद झड़पें शुरू हो गई और इनमें 75 से अधिक लोगों की जान चली गई. दरअसल एकजुटता मार्च को मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग के विरोध में आयोजित किया गया था. आरक्षित वन भूमि से कूकी ग्रामीणों को बेदखल करने पर तनाव से पहले हिंसा हुई थी, जिसके कारण कई छोटे-छोटे आंदोलन हुए थे. मेइती मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं. जनजातीय नागा और कुकी जनसंख्या का 40 प्रतिशत हिस्सा हैं और पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं.

Tags: Home Minister Amit Shah, गृह मंत्री अमित शाह, मणिपुर हिंसा

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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