
आकाश कुमार/जमशेदपुर. पर्यावरण संरक्षण और योग एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति है. जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है. योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है. योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों का निदान किया जाता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जा सकता है. अब आप सोच रहे हैं कि हम आज योग और पर्यावरण की बातें क्यों कर रहे हैं. दरअसल देश भर में योग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कर्नाटक राज्य के मैसूर से एक युवा देश भर के पैदल यात्रा पर निकला है.
लगभग पांच हजार किलोमीटर का पैदल सफर तय कर मंगलवार को युवक जमशेदपुर पहुंचा. युवक का नाम कृष्णन्म नायक है. देश भर में योग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करने का लक्ष्य लेकर कृष्णन्म देश भर के यात्रा पर निकला है. पीठ पर तिरंगा झंडा लेकर यह देश की एकता का सन्देश भी लोगों को दे रहा है. अब तक कृष्णन्म ने आठ राज्यों का सफर तय कर लिया है. अब वह झारखंड पहुंचा है.
योग से शरीर निरोग रहता है
विगत वर्ष अक्टूबर के माह में उसने यात्रा की शुरुआत की थी. 2 वर्षों में कृष्णन्म 28 राज्यों का सफर तय कर वापस कर्नाटक लौटेगा. कृष्णन्म के अनुसार योग से शरीर निरोग रहता है. पर्यावरण संरक्षण मानवता के कल्याण के लिए आवश्यक है. इसी को प्रत्येक देशवासी तक पहुंचाने के लिए उसने इस कठिन यात्रा का मार्ग चुना.
15 हजार किलोमीटर का पैदल सफर
अब आगे कृष्णन्म कुल 15 हजार किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करेंगे. उन्होंने बताया की यह सुबह 6 बजे सफर शुरू करते है और दोपहर में धूप के कारण तोड़ी देर आराम करते है और फिर 4 बज्जे से शाम के 7 बजे तक सफर करते है. रात में रुकने के लिए यह पुलिस स्टेशन,स्कूल, पेट्रोल पंप या फिर मंदिर का सहारा लेते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 29, 2023, 11:47 IST








