
दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने बीते शनिवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की दूसरी बार शपथ ली है. सिद्धारमैया के साथ कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने भी शपथ ग्रहण किया, जो राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री बने हैं. इसके अलावा कांग्रेस के 8 विधायकों ने कर्नाटक मंत्रिमंडल में मंत्रियों के रूप में शपथ ली. इनमें से कोई भी महिला मंत्री नहीं है. गैर-लाभकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और कर्नाटक इलेक्शन वॉच (KEW) की रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के नए मंत्रिमंडल के 9 (100%) सदस्यों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से 4 मंत्रियों के ऊपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज यानी कैबिनेट के 44 फ़ीसदी मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
जिन नौ मंत्रियों के शपथ पत्र एनालाइज किए गए उसमें सभी 9 यानी 100% करोड़पति हैं. 9 मंत्रियों की औसत आय 229 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है. डिप्टी CM डीके शिवकुमार सबसे अमीर मंत्री हैं जिनकी संपत्ति 1413 करोड रुपए है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 में से एक मंत्री केजी जॉर्ज का पूरा डेटा मौजूद नहीं था इसलिए उन्हें लेकर जानकारी सामने नहीं आ पाई है. रिपोर्ट के अनुसार: तीन मंत्रियों ने अपनी शैक्षिक योग्यता 8वीं पास से 12वीं पास के बीच घोषित की है, जबकि छह मंत्रियों ने स्नातक और इससे ऊपर की शैक्षिक योग्यता होने की घोषणा की है.
इसमें यह भी कहा गया है कि पांच मंत्रियों ने अपनी उम्र 41 से 60 साल के बीच जबकि चार मंत्रियों ने अपनी उम्र 61 से 80 साल के बीच बताई है. कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे सबसे कम इनकम वाले मंत्री जिनकी आय लगभग 17 करोड़ रुपए हैं. मंत्रियों के चयन में ‘अहिंदा’ (अल्पसंख्यक ओबीसी और दलित के समीकरण के लिए यूज होने वाला कन्नड़ टर्म) के मास्टर माने जाने वाले सिद्धारमैया ने छाप छोड़ी है.








