
लखेश्वर यादव,जांजगीर चांपा/रायगढ़. छत्तीसगढ़ की पर्वतारोही याशी जैन ने माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया है. याशी जैन ने बुधवार सुबह करीब 5.45 बजे विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया. माउंट एवरेस्ट फतह करने का उनका अभियान 1 अप्रैल से शुरू हुआ था. उनका यह अभियान 45 दिनों तक चला. 15 सदस्यीय टीम में याशी छत्तीसगढ़ से एकमात्र पर्वतारोही थी.
याशी जैन ने बताया था कि इससे पहले वर्ष 2021 में माउंट एवरेस्ट फतह करने के लिए पूरी तैयारी की थी और एवरेस्ट फतह करने के लिए बेस कैंप से लगभग 8000 मीटर की चढ़ाई भी कर चुकी थीं, लेकिन बदलते मौसम और तबीयत बिगड़ने के कारण माउंट एवरेस्ट का सपना कुछ दिनों के लिए टल गया था. दिन रात के परिश्रम के बाद उन्होंने इस वर्ष लगभग 45 दिनों के अंदर ही माउंट एवरेस्ट जोकि विश्व की सबसे ऊंची चोटी मानी जाती है, उसमें अपना और छत्तीसगढ़ परचम लहराने में सफलता हासिल किया है.
पर्वतारोही याशी जैन को माउंट एवरेस्ट फतह के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुभकामनाएं दी थी. वहीं प्रोत्साहन राशि के रूप में पांच लाख रुपये देने की घोषणा की थी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने याशी द्वारा माउंट एवरेस्ट फतह के बाद वहां फहराए जाने वाले ‘भारतीय राष्ट्रीय ध्वज’ और ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ ध्वज का विमोचन भी किया था.
याशी जैन और उनके परिवार को एवरेस्ट फतह करने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. याशी के पिताजी अखिलेश जैन निजी बैंक में कार्यरत हैं. उनकी बेटी को सफल पर्वतारोही बनने के सपनों को पूरा करने के लिए दिन और रात मेहनत किए हैं.
एवरेस्ट फतह करने के लिए आर्थिक स्थिति थोड़ी कमजोर हो गई थी, क्योंकि अपनी बेटी की ट्रेनिंग और यात्रा के लिए अपनी जमा पूंजी खर्च कर चुके थे. जिस वजह से उनके पिता और याशी जैन ने शहरवासियों से आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी. जिस पर कई सामाजिक संगठनों और शासकीय अधिकारियों ने इस मुहिम के लिए आर्थिक सहायता राशि दी थी. जिसके परिणाम स्वरूप याशी जैन ने एवरेस्ट फतह कर रायगढ़ वासियों और छत्तीसगढ़ के लोगों को एक गौरव का फल दिया है.
याशी जैन छत्तीसगढ़ की पहली बिटियां हैं, जिन्होंने तीन महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटी को फतह करके तिरंगा संग बेटी बचाओ का परचम फहराया है. याशी जैन ने 14 फरवरी 2023 दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी पर माउंट अकंकागुआ (6961 मीटर) पर फतह किया. दो अक्टूबर 2022 को माउंट किलिमंजारो (5896 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की यह अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी है.
माउंट एवरेस्ट के दौरान अभियान 2021 मे कैंप (8000 मीटर) तक पहुंची, जनवरी 2021 में लोबुचे ईस्ट पीक 6119 मीटर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की. जनवरी 2020 में आईलैंड पीक नेपाल 6189 मीटर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की. 2019 में माउंट एल्ब्रस 5642 मीटर यूरोप की सबसे ऊंची चोटी, साल 2018 में हिमालयी क्षेत्र में 6116 मीटर ऊंची माऊंट जोगिन 3 चोटी पर चढ़ाई कर सफलता हासिल कर चुकी है. साहस भरे कारनामों के चलते उन्हे राज्यपाल द्वारा वीरांगना पुरस्कार, शहीद इंदिरा गांधी खेल पुरस्कार, तान्या पुरस्कार समेत कई बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं.
.
Tags: Chhattisagrh news, Mount Everest
FIRST PUBLISHED : May 26, 2023, 15:45 IST








