
भोपाल. मध्य प्रदेश में 25 मई को एमपी बोर्ड का कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी हो गया है. 10वीं परीक्षा में 66.47 प्रतिशत लड़कियों ने बाजी मारी. कुल 60.26% छात्र पास हुए. 12वीं का रिजल्ट 58.75 प्रतिशत रहा है और 10वीं का 63.29%. 12वीं परीक्षा में लड़कों का रिजल्ट 52% रहा है. प्रदेश में इस बार कक्षा 12वीं का रिजल्ट दो सालों के मुकाबले बेहतर नहीं रहा. इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों को कहा कि उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. रुक जाना नहीं योजना के माध्यम से उन सभी को एक और मौका दिया जाएगा.
एमपी बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ‘मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण सभी भांजे-भाजियों को हृदय से बधाई. जो असफल भी हुए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. हार कर रुकना नहीं, बल्कि और मजबूती से आगे बढ़ना चाहिए. "रुक जाना नहीं योजना" से आपके भी आगे बढ़ने का सपना निश्चित ही पूरा होगा. आप सभी विद्यार्थी मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का आधार स्तंभ हैं. आपका भविष्य उज्ज्वल हो, मां सरस्वती से यही प्रार्थना है.
स्कूल शिक्षा मंत्री बोले- छात्र निराश न हों
स्कूल शिक्षा मंत्री ने रिजल्ट जारी कर कहा कि कोरोना के चलते छात्र-छात्राओं को जनरल प्रमोशन दिया गया था. इस वजह से कक्षा 12वीं के रिजल्ट में गिरावट हुई है. छात्र-छात्राओं पास होने का एक और मौका दिया जाएगा. वे अपना साल बचा सकेंगे. कक्षा 10वीं की पूरक परीक्षा 18 जुलाई से 24 जुलाई तक चलेगी. इसमें 82,335 परीक्षार्थी शामिल होंगे. इस बार कक्षा दसवीं में 312329 परीक्षार्थी फेल हुए हैं. कक्षा 12वीं की पूरक परीक्षा 17 जुलाई को आयोजित होगी. इसमें 1,28,439 परीक्षार्थियों की सप्लीमेंट्री आई है. कक्षा 12वीं में 2,90,012 परीक्षार्थी फेल हुए हैं.








