
लाहौर. एक पूर्व सांसद समेत इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के 16 कार्यकर्ताओं को बृहस्पतिवार को कड़े सेना अधिनियम और शासकीय गोपनीयता अधिनियम के तहत उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सैन्य अधिकारियों को सौंप दिया गया. इन पर लाहौर में कोर कमांडर के घर जिसे ‘जिन्ना हाऊस’ के तौर पर भी जाना जाता है, को जलाने का आरोप है.
अर्धसैनिक रेंजरों द्वारा खान को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से नौ मई को गिरफ्तार किए जाने के बाद हिंसक विरोध शुरू हो गया था. उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने खान की गिरफ्तारी के विरोध में लाहौर कोर कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी. पहली बार भीड़ रावलपिंडी में सैन्य मुख्यालय (जीएचक्यू) में भी घुस गई थी.
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व्यापक हिंसा के बाद सरकार ने खान के समर्थकों पर कार्रवाई की, हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया और सैन्य अदालतों के समक्ष मुकदमे की धमकी दी गई है. पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “आतंकवाद विरोधी अदालत के आदेश पर, कैंप जेल लाहौर के अधीक्षक ने बृहस्पतिवार को जिन्ना हाउस के नाम से जाने जाने वाले कोर कमांडर लाहौर हाउस पर हमले के आरोप में पूर्व विधायक मियां अकरम उस्मान सहित 16 प्रमुख संदिग्धों को एक सैन्य कमांडिंग ऑफिसर को सौंप दिया.”
उन्होंने कहा कि कोर कमांडर के घर पर हमले के सिलसिले में 2,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें ज्यादातर खान की पार्टी के कार्यकर्ता हैं, हालांकि, इन 16 की भूमिका आवास में तोड़फोड़ और आग लगाने में स्थापित हुई है.
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Tags: Imran khan, Pakistan
FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 22:58 IST








