
शिखा श्रेया/रांची. कहते हैं कि किसी भी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे मिलाने में कोशिश में जुट जाती है.भले ही ये एक फिल्मी डायलॉग हो. इसे धरातल पर उतारा है रांची के हटिया की रहने वाली रुखसार खातून ने. जो 87% अंक लाकर अपने स्कूल में सेकंड टॉपर बनी है. रुखसार हटिया के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय की छात्रा है.
रुखसार ने News18 Local से बातचीत के दौरान कहा कि यह सफर मेरे लिए आसान नहीं था, काफी चुनौतीपूर्ण रहा.क्योंकि घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी.पापा हटिया के ही एक गैरेज में मैकेनिक के तौर पर काम करते हैं और मां गृहिणी है.जिस वजह से घर में आर्थिक तंगी भी थी. मां पापा का काफी सहयोग रहा.इस वजह से यह सफलता सुनिश्चित हो पाई हैं.
घर में 15 लोग के बीच रहकर की पढ़ाई
रुखसार बताती है कि मेरी जॉइंट फैमिली है. हमारे घर में कुल 15 सदस्य हैं, जिनमें कई बच्चे भी है. घर में शोरगुल का महौल हमेशा रहता है. जब मन में जज्बा हो कुछ करने का तो फिर आसपास का माहौल उतना मायने नहीं रखता. इसमें मेरी मां का बहुत सहयोग रहा.उन्होंने मुझे पढ़ने का काफी वक्त दिया व मां ये सुनिश्चित करती थी कि पढ़ते समय मुझे कोई डिस्टर्ब ना करें. इसके अलावा मां मुझ से घर के काम ना के बरारबर कराती थी.
सुबह और शाम पढ़कर बनी टॉपर
रुखसार बताती है मैं सुबह में जल्दी उठकर 3 घंटे और शाम में 6:00 बजे से रात के 9:00 बजे तक पढ़ा करती थी. इस तरह सुबह-शाम मिलाकर 6 से 7 घंटे की पढ़ाई हर दिन हो जाती. जिस विषय में मैं कमजोर थी उस पर ज्यादा ध्यान दिया करती थी. जैसे मैथ्स हर दिन एक घंटा नियमित तौर पर करती थी. रुखसार बताती है कि मुझे आगे चलकर डॉक्टर बनना है.डॉक्टर एक नोबल प्रोफेशन है और इससे गरीबों की सेवा की जा सकती है. स्वास्थ्य इंसान की बुनियादी जरूरत होती है, इसलिए डॉक्टर बन मैं इन जरूरतों को पूरा करना चाहती हूं.
रुखसार के पिता मोहम्मद सबीर अख्तर कहते हैं मैंने हमेशा की बेटी को पढ़ने की पूरी आजादी दी व हमेशा उससे कहता था कि मन लगाकर पढ़ो तुम्हें बहुत आगे तक जाना है.भले हमारी माली हालत ठीक ना हो पर हमने कभी पढ़ाई में कोई कमी नहीं रखा.हमने इसे सारी सुविधाओं के साथ-साथ पढ़ने के लिए अच्छा खासा वक्त भी दिया.आज उसके परफॉर्मेंस से हम काफी खुश हैं और उम्मीद है कि आगे भी यह ऐसा ही करेगी.
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FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 11:50 IST








