औरंगजेब निर्दयी नहीं था, उसने मंदिर नहीं तोड़ा, ज्ञानवापी सर्वे केस में कोर्ट में बोली मसाजिद कमेटी

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हाइलाइट्स

आपत्ति में कहा गया है कि औरंगजेब ने कभी मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से कहा गया है कि मस्जिद हजारों वर्ष पुरानी है

वाराणसी. ज्ञानवापी परिसर को लेकर होने वाले एएसआई सर्वे पर मुस्लिम पक्ष द्वारा डाली गई आपत्ती में औरंगजेब को क्रूर शासक नहीं बताया गया है. सोमवार को जिला जज की अदालत में दाखिल की गयी. 26 पेज की आपत्ति में कहा गया है कि औरंगजेब ने कभी मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई. औरंगजेब निर्दयी नहीं था. आपत्ति में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से कहा गया है कि मस्जिद हजारों वर्ष पुरानी है और वादीगणों की तरफ से दुर्भावनावश मुस्लिम शासकों को आक्रमणकारी बताया गया है. लिहाजा मामले को खारिज किया जाना चाहिए.

ज्ञानवापी मामले पर दाखिल पट्टी में मस्जिद पक्ष ने कहा कि औरंगजेब ने कभी मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई. मस्जिद परिसर में शिवलिंग नहीं मिला है. आपत्ती में कहा गया है कि 1669 में औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर नहीं तोड़ा था. वहां मस्जिद हजारों वर्षों से थी. जो भी कुछ कहा जा रहा है वह सत्य से परे है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी. बता दें कि 22 मई को मुस्लिम पक्ष द्वारा कोर्ट में आपत्ति दाखिल की गई थी.

आपत्ति का लेटर वायरल हो रहा
दरअसल, ज्ञानवापी के संपूर्ण परिसर में एएसआई सर्वे को लेकर हिंदू पक्ष की तरफ से कोर्ट में एक याचिका डाली गई थी. जिस पर कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से आपत्ति दाखिल करने को कहा था. 22 को मुस्लिम पक्ष ने अपनी आपत्ति दाखिल की, जिसकी कॉपी हिंदू पक्ष को भी मुहैया करवाई गई है. अब
मुस्लिम पक्ष की आपत्ति का लेटर वायरल हो रहा है.

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आपत्ति में यह भी दलील दी गई
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के सचिव मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी की तरफ से दाखिल आपत्ति में कहा गया है कि ज्ञानवापी में मिली आकृति शिवलिंग नहीं है, वह फव्वारा है. साथ ही कहा गया है कि ASI सर्वे से मस्जिद ध्वस्त हो जाएगी, जैसा की वादीगण चाहते हैं. ज्ञानवापी परिसर का एएसआई से सर्वे कानूनन संभव नहीं है, लिहाजा ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की मांग खारिज कर दी जाए.

Tags: Gyanvapi Masjid Survey, Varanasi news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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