
अनंत कुमार/गुमला. यूपीएससी का रिजल्ट आने के बाद टॉपर इशिता किशोर काफी चर्चा में है. इशिता का झारखंड के गुमला से भी खास नाता रहा है. यहां उनके मामा का घर है. मामा शैलेश सिंह गुमला कोर्ट में वकील हैं. मंगलवार को शैलेश सिंह कोर्ट रूम में एक केस पर जिरह कर रहे थे. उसी दौरान उन्हें भांजी इशिता किशोर के यूपीएससी में टॉप करने की खबर मिली. जिसके बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. फिर उनके दोस्त व रिश्तेदार उन्हें मिठाई खिलाने पहुंचने लगे.
शैलेश सिंह ने न्यूज18 लोकल को बताया कि इशिता किशोर बचपन से गुमला आती-जाती रही है. आखिरी बार ममेरे भाई की शादी में आई थी. उसे यहां का प्रसिद्ध बर्रा-धुस्का काफी पसंद है. आज भी इसका स्वाद नहीं भूल पाई है. उन्होंने बताया कि इशिता की इस सफलता से पूरा परिवार काफी हर्षित है. लेकिन उसे काफी संघर्ष के बाद यह सफलता मिली है.
2004 में हो गया था पिता का देहांत
इशिता के पिता संजय किशोर एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर थे. जुलाई 2004 में सेवा के दौरान उनका देहांत हो गया था. उस समय इशिता की उम्र महज 6 से 7 साल थी. इस घटना के बाद परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा था. उसके बाद इशिता की मां ज्योति किशोर ने इशिता और उसके भाई की परवरिश की. ज्योति किशोर दिल्ली के स्कूल में एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर कार्यरत हैं.
बिहार की रहने वाली है इशिता
बता दें कि इशिता किशोर मूल रूप से बिहार के पटना की रहने वाली है. लेकिन पूरा परिवार दिल्ली में रहता है. इशिता डीयू के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएट हैं. उन्होंने अपनी सफलता पर कहा कि वह यूपीएससी परीक्षा पास करने को लेकर आश्वस्त थीं. लेकिन मेरिट सूची में शीर्ष पर आना आश्चर्यजनक रहा है. उन्होंने कहा कि मैं भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होकर देश सेवा करना चाहती हूं.
.
FIRST PUBLISHED : May 24, 2023, 21:40 IST








