Success Story: 2018 में मिला था IRTS पद, मेहनत और सब्र से तैयारी करती रहीं भावना, अब पाई AIR 55

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UPSC Success Story: यूपीएससी पास करने वाले बताते हैं कि इस परीक्षा को पास करने के लिए दुनिया जहान छोड़कर, पूरी लगन से पढ़ाई पर फोकस करना पड़ता है. तब जाकर ये परीक्षा पास होती है. बेंगलुरु की एच एस भावना ने ऐसी मेहनत दो बार की है. इस साल वे बैंग्लोर की स्टेट टॉपर बनी हैं. 2018 में AIR 314 हासिल कर IRTS बनीं थी, लेकिन वे अपने पद से संतुष्ट नहीं थीं तो मेहनत करती गईं और जो परिणाम मिला, वो सभी के लिए प्रेरणा है.

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Success story H S Bhavana: बेंगलुरु की एच एस भावना ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2022 में अखिल भारतीय रैंक (एआईआर) 55 हासिल की है. South Bangalore बनशंकरी में रहने वाली भावना इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं और जो वर्तमान में भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) के साथ काम कर रही है. वह स्टेट टॉपर हैं और अपने छठे प्रयास में यह रैंक हासिल कर पाई हैं.

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भावना ने 2018 में AIR 314 हासिल की थी और वे IRTS अधिकारी के रूप में चुनी गई थी. उनकी कड़ी मेहनत और धैर्य ने उन्हें इस परिणाम तक पहुंचाया है. भावना ने उम्मीदवारों को सलाह दी है, सीएसई टॉपर्स के मार्गदर्शन टिप्स और विभिन्न संस्थानों के प्रशिक्षण भी कुछ खास मदद नहीं कर पाएंगे, बेहतर है अपने आप पर विश्वास करो और कभी हार मत मानो.

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भावना ने अपनी स्कूली शिक्षा बिशप कॉटन गर्ल्स हाई स्कूल बेंगलुरु से पूरी की और श्री वेंकटेश्वर इंजीनियरिंग कॉलेज, येलहंका, बेंगलुरु से बीई की.भावना भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने की उम्मीद कर रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि अखिल भारतीय स्तर पर अन्य राज्यों के कुछ टॉप रैंकर्स ने भी बेंगलुरु के संस्थानों से कोचिंग ली. इस साल राज्य से 34 उम्मीदवारों का चयन किया गया है. (सांकेतिक फोटो)

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2021 की तुलना में इस बार कर्नाटक से रैंक पाने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है. 2021 में 27 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की थी और इस बार यह संख्या बढ़कर 34 हो गई और उनमें से अधिकांश इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं.

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एआईआर 155 के साथ मेल्विन वर्गीस और एआईआर 197 के साथ सूरज डी पहले से ही आईआरएस अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं. बेलागवी जिले के सवादत्ती तालुक के तल्लूर गांव की मूल निवासी श्रुति यारगट्टी ने अपने छठे प्रयास में एआईआर 362 के साथ सीएसई पास किया है.

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श्रुति बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनना चाहती थी. इसलिए पीयूसी के बाद मेडिकल या इंजीनियरिंग कोर्स का नहीं चुना. बीएससी पूरा किया और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की. नई दिल्ली में एक साल तक तैयारी के बाद और बाद में बेंगलुरु आकर प्रतिदिन 12 से 14 घंटे पढ़ाई की.

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इंजीनियरिंग स्नातक और सेवानिवृत्त डीसीएफ की बेटी आई एन मेघना ने अपने दूसरे प्रयास में 617वीं रैंक हासिल की है.उसने कहा कि वह बेंगलुरु के विजयनगर में कोचिंग क्लास में जाती थी. मेघना के पिता आई एम नागराज ने कहा, वह इंजीनियरिंग का कोर्स पूरा करने के बाद यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी. वह रोज सुबह 7 बजे लाइब्रेरी में पढ़ने जाती थी.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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