
मो.महमूद आलम/नालंदा. नालंदा में आम के पेड़ में लगने वाली बीमारी कीट रेड बैंडेड बोरर ने अब नालंदा में भी दस्तक दे दी है. सामान्य तौर पर यह बीमारी अभी तक उत्तरी बिहार में ही ज्यादा देखने को मिली है लेकिन अब नालंदा में भी यह पहुंच चुकी है. इस बीमारी के कारण पेड़ों में लगे आम खराब हो रहे हैं. आम के फल में नीचे से काला धब्बा पकड़ रहा है. इस कारण आम की बागवानी करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है. यह एक ऐसी बीमारी है, जिसे फैलने से तो रोक जा सकता है लेकिन इसे पूरी तरह से समाप्त नहीं किया जा सकता है.
किसान इसे मामूली समस्या समझ रहे
जानकारी के अभाव में किसान इसे मामूली समस्या समझा रहे हैं लेकिन यह एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे फल को सूखा देता है. इस संबंध में जब न्यूज 18 से नालंदा उद्यान महाविद्लयालय की फ्रूट एक्सपर्ट डॉ. प्रीति सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि यह एक प्रकार का कीड़ा है. जो आम में लग जाने के बाद पहले नीचे के भाग में काला धब्बा बनाता है और धीरे-धीरे पूरे फल में छेद कर देता है.
अंत में फल सूख कर झड़ जाता है. अभी तक इस बीमारी का प्रभाव विशेष रूप से उत्तरी बिहार में ही देखने को मिलता था. लेकिन अब इसने नालंदा में भी दस्तक दे दी है. हालांकि अभी तक गिरियक प्रखंड के इशुआ गांव के अलावा और किसी दूसरे प्रखंड से इसकी शिकायत नहीं मिली है, लेकिन सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि रेड बैंडेड बोरर नाम का एक कीड़ा होता है. जो लार्वा के रूप में दो सटे आम के फलों पर लगता है.
किसान ऐसे करें बचाव
उन्होंने इसके बचाव के लिए बताया कि अभी से प्रबंधन शुरू कर देना चाहिए. सबसे पहले तो बगीचा को साफ-सुथरा रखें. किसी बगीचा में अगर यह बीमारी लग गई, तो उसे समाप्त तो नहीं किया जा सकता है. लेकिन फैलने पर रोक लगा सकते हैं. जिस फल में यह बीमारी लग गई है, उसे तोड़कर जमीन के अंदर गाड़ दें और बीमारी को फैलने से रोकने के लिए क्लोरीनट्रानिलिप्रोए ल .4 एमएल प्रति लीटर या इमामेक्टिन बेंजेट .4 ग्राम या डेल्टामेथ्रिन 28 ई.सी. 1 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर सकते हैं.
.
FIRST PUBLISHED : May 24, 2023, 09:02 IST








