
सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या. अयोध्या में स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे. दरअसल, अवध विश्वविद्यालय को 57 करोड़ रुपये की धनराशि आयकर विभाग वापस करेगा. 2018 में आयकर विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के खाते से 45 करोड़ 79 लाख 92 हजार रुपये टैक्स के रूप में काट लिया गया था.
इसके बाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर प्रतिभा गोयल के प्रयासों से अब ब्याज सहित 57 करोड़ रुपये अवध विश्वविद्यालय को आयकर विभाग द्वारा वापस मिलेगा. साल 2013-14 में विश्वविद्यालय की एक अपील याचिका आयकर विभाग द्वारा खारिज कर दी गई थी. 26 जुलाई 2022 को निर्णय के विरुद्ध अपील की गई, जिसके फलस्वरूप 14 नवंबर को प्रकरण लखनऊ स्थानांतरित कराते हुए प्रभावी पैरवी के परिणाम स्वरूप 19 मई 2023 को आरोपित आयकर शून्य करार दिया गया तथा समस्त धनराशि विश्वविद्यालय को वापस करने के पक्ष में आदेश पारित किया गया.
धनराशि ब्याज सहित वापस किए जाने का आदेश पारित
विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय का उक्त प्रकरण वर्ष 2013-14 का है. आयकर विभाग द्वारा 05 अप्रैल, 2018 को 20 करोड़ 3 लाख 92 हजार 562 रुपये एसबीआई के खाते से एवं 11 अप्रैल, 2018 को 25 करोड़ 76 लाख एसबीआई के खाते से आयकर द्वारा कर के रूप में ले लिया गया था. आयकर अपीलीय अधिकरण लखनऊ द्वारा विश्वविद्यालय को समस्त धनराशि ब्याज सहित वापस किए जाने का आदेश पारित किया है, जो वर्तमान में सीपीसी बेंगलुरू को प्रक्रिया हेतु प्रेषित किया गया है.








