
शक्तिसिंह/ कोटा. कुछ समय पहले कोटा शहर में जगह-जगह नजर आने वाले गाय-भैंसों के तबले और शहर में घूमते पशु अब नजर नहीं आते और न ही पशुपालक सड़क किनारे बने झोपड़ों में दिखाई देते हैं. दरअसल, देवनारायण पशुपालक आवासीय याेजना ने अब साकार रूप ले लिया है. योजना के तहत करीब 300 करोड़ की लागत से बने अधिकांश मकान पशुपालकों को आवंटित कर दिए गए हैं. इस कॉलोनी में अब पशुपालकों के लिए सुविधाएं भी विकसित की गई हैं. इनमें स्कूल, अस्पताल, पशु अस्पताल, बायोगैस प्लांट, डेयरी आदि हैं. यहा प्रदेश का सबसे बड़ा बायोगैस प्लांट भी बनाया गया हैं. पशुपालकों से एक रुपए किलो में गोबर लिया जा रहा है. जिससे उनकी मकान की किस्त भी निकल रही है. साथ ही बायोगैस के कनेक्शन पशुपालकों के घर दिए जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार शहर की सड़काें काे पशुओं से मुक्त कराने वाली देवनारायण पशुपालक आवासीय याेजना के पूरी तहर क्रियांवित होने के बाद कोटा शहर बिल्कुल कैटल फ्री हो जाएगा. इस याेजना के तहत 738 पशुपालकाें के लिए मकान और बाड़े बनाए गए हैं. इसके अलावा सामुदायिक भवन, स्कूल, पार्क, डिस्पेंसरी व पशुपालक व्यवसाय से संबंधित अन्य व्यवसाय के लिए भी मार्केट बनाया गया. देवनारायण नगर से बाहर पशुपालकों को नहीं जाना होगा. यहीं पर संपूर्ण सुविधा के साथ यह योजना बनाई गई.
जानकारी के अनुसार काेटा शहर में पशुओं के आतंक काे देखते हुए यूआईटी द्वारा सर्वे करवाया गया था, जिसमें शहर में 940 पशुपालक पाए गए थे. इसमें से 429 पशुपालकाें ने सरकारी जमीनाें पर अतिक्रमण करके बाड़े बना रखे थे, जबकि 511 पशुपालक खुद की जमीन पर पशुपालक व डेयरी व्यवसाय कर रहे थे. इन दाेनाें तरह के पशुपालकाें के पा 14,014 पशु हैं. इनमें से अधिकांश सड़काें पर रहते थे. इससे शहर काे मुक्ति दिलाने के लिए यूआईटी द्वारा बंधा-धर्मपुरा गांव में 108 हैक्टेयर जमीन पर देवनारायणयोजना के तहत 738 मकान तैयार हाे चुके हैं. इनमें अभी 450 से अधिक मकानों में पशुपालक रह रहे हैं.
देवनारायण आवासीय योजना के अध्यक्ष किरण लांगड़ी ने बताया कि यहां सभी तरीके की सुविधाएं पूर्ण है. बच्चों के लिए स्कूल है. पहले हम शहर में नाले ने अतिक्रमण कर रहते थे. अब यहां बने शानदार घरों में रहते हैं. कॉलोनी में चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पताल, बच्चों के लिए गार्डन व स्कूल, बायोगैस प्लांट के लिए पशुओं के गोबर को भी एक रुपए किलो में लिया जा रहा है. जिससे मकान की किस्त भी निकल रही है. नया पुलिस थाना भी यहां पर खोला गया है. साफ सफाई की भी पूरी व्यवस्था है. पशुओं के दूध के लिए यहा दूध डेयरी प्लांट भी बन रहा है. जिससे पशु पालकों को दूध बेचने बाहर नहीं जाना पड़ेगा.
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FIRST PUBLISHED : May 23, 2023, 16:24 IST








