
आदित्य आनंद/गोड्डा. गोड्डा में अचार बनाने के लिए कच्चे आमों की बिक्री शुरू हो चुकी है. मई के आखरी दो सप्ताह जब आम में गुठली हो जाता है लेकिन आम पका नही होता है. उसी समय कच्चे गुठली वाले आम को तोड़कर उसका अचार बनाया जाता है. इस मौसम में बनाए गए अचार ही लोग सालों भर रखकर खाते है. अचार बनाने वाली महिलाएं बताती है. इस आम से बनाया गया अचार का स्वाद दुकानों और बाज़ारों में मिलने वाले अचार से बिल्कुल ही अलग होता है.क्योंकि इस अचार में किसी भी प्रकार का कोई बाहरी केमिकल नही दिया जाता है. सिर्फ इसमें लगने वाले मसाला को इसमें मिलाया जाता है.
वही महागामा के ऊर्जानगर गेट पर आम को काटकर बेचने वाले कार्तिक शाह ने बताया कि वह पिछले 15 सालों से इस मौसम में इसी जगह पर अचार वाला आम बेचते हैं और पूरे ईसीएल के क्वार्टर के लोगों को और महागमा के लोगों को अचार वाला आम बेचते है. वहीं वह कच्चा आम ₹20 प्रति किलो और अचार के लिए काटकर आम ₹30 प्रति किलो बेचते हैं. वही रोजाना व 1 क्विंटल तक आम बेच लेता है. और पूरे सीजन में वह करीब 40 क्विंटल तक आम बेच लेता है.
आम खरीदने वाली महिला फूलों देवी ने बताया कि वह पिछले 20 सालों से अचार बनाती आ रही है और पिछले 5 से 6 वर्षों से इन्हीं के पास आम खरीद कर अचार बनाती है, ₹30 प्रति किलो कटा हुआ आम यहाँ खरीदती हैं और उस काम को घर ले जाकर 2 से 3 घंटे तक पानी में फूलने दिया जाता है. ताकि उस आम का कस्सा पन दूर हो सके, इसके बाद उस आम को धूप में सुखाकर उसमें तेल – मसाला देखकर शीशे के बयाम में कई दिनों तक रखा जाता है और धूप में ही उसे पकाया जाता है.
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FIRST PUBLISHED : May 23, 2023, 11:17 IST









