Preparations begin to save people from floods, many houses will shifted, 46 villages are vulnerable – News18 हिंदी

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आकाश गौर/मुरैना : चंबल नदी में बाढ़ के खतरे से 46 गांव के लोग सुरक्षित दूर बसाने के लिए जिला प्रशासन ने जमीनों को आबादी क्षेत्र घोषित करने की कार्रवाई तेज कर दी है. इसके लिए तहसीलदार जनपद सीईओ ग्राम पंचायत क्षेत्र की सरकारी जमीनों के प्रस्ताव सरपंचों से लेकर उसे बसाहट के रूप में विकसित कराएंगे. 3 साल से लगातार अगस्त महीने से बारिश के दौरान चंबल नदी में बाढ़ की स्थिति बन जाती है जिससे 46 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं जिससे लोगों का काफी नुकसान हो जाता है.

बाढ़ के कारण होती है जनधन की हानि
चंबल के किनारे बसे गांव जो हमेशा बाढ़ की चपेट में आते हैं जिनसे ग्रामीणों का काफी नुकसान हो जाता है और हर साल उनके मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होते हैं. इसलिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से गुहार लगाई थी और उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए. अब ग्रामीणों के लिए जिला प्रशासन ने चंबल नदी की चपेट से दूर गांव को बसाहट के लिए जमीन चिन्हित कर ली है जिले भर में 46 ऐसे गांव हैं जो हमेशा चंबल नदी की चपेट में आते हैं उन सभी गांव को खाली कराकर नई जगह बसाहट कराई जाएगी.

हर बार आती है यह बाढ़ की समस्या
चंबल किनारे बसे गांव जहां बाढ़ की विकट समस्या आती है उन गांव की बसाहट चंबल नदी से दूर की जाए, बाढ़ के 3 साल के रिकॉर्ड को ध्यान में लाते हुए सबलगढ़ में 14 अंबाह में 10 मुरैना में दो और जोरा में 20 गांव को चंबल नदी से दूर बीहड़ों में बसे लोगों को चंबल नदी के किनारों से दूर बस आने के लिए नई जमीन की तलाश की जा रही है.

ग्राम पंचायत से जमीनों के प्रस्ताव मिलने के बाद पटवारी उनके प्रस्ताव बनाकर ऐसी जमीनों को आबादी क्षेत्र घोषित कराने के लिए कलेक्टर के पास भेज चुके हैं अब कलेक्टर जल्द ही प्रस्ताव पास करके राज्य सरकार को भेजेंगे, 2022 की बाढ़ के दौरान मुरैना दौरे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बाढ़ प्रभावित लोगों को उनके सुरक्षित व नए स्थानों पर बसाने के निर्देश दिए थे.

चंबल वासी कई सालों से चाहते थे बाढ़ से मुक्ति
चंबल किनारे रहने वाले ग्रामीणों की मानें तो उनका कहना है कि वह सरकार और जिला प्रशासन से लगातार मांग कर रहे थे कि उन्हें चंबल नदी से दूर बसाया जाए, हालांकि अब जिला प्रशासन ने सर्वे का काम शुरू किया है इससे ऐसा लग रहा है कि जल्द ही नई बसाहट में उन्हें जगह मिल जाएगी और फिर उनकी एक बड़ी चिंता कम हो जाएगी, जिससे ग्रामीण नई बसाहट वाले गांव में आकर रहने लगेंगे.

Tags: Morena news, Mp news

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Author: Up Head Line

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