
नीरज कुमार/ बेगूसराय: बिहार केला उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है. यहां की मिट्टी केला उत्पादन के लिए बेहतर माना जाता है. केला की बागवानी को लेकर सरकार कई तरह की योजनाएं भी चला रही है. वहीं दूसरी केले की बागवानी को लेकर किसान में भी रूची बढ़ी है. किसान केला की बागवानी कर अच्छी कमाई भी कर रहे हैं. हालांकि अधिकांश किसानों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है. जिससे उनकी परेशानी बढ़ जाती है. इन परेशानियों के बीच भी बेगूसराय के किसान केला की खेती पर फोकस कर रहे हैं. ऐसे हीं जिले के एक प्रगतिशील किसान प्रभाकर कुमार हैं. जिनका मानना है केले की खेती किसानों के लिए बेहतर कमाई का जरिया साबित हो सकता है. किसान प्रभाकर कुमार पिछले तीन वर्ष से के ले की खेती कर रहे हैं और इससे 2.50 लाख का मुनाफा भी कमा रहे हैं.
एसबीआई से 1.50 लाख कर्ज लेकर शुरू की केले की बागवानी
बेगूसराय जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित श्रीपुर पंचायत के चेरिया बरियारपुर गांव निवासी प्रभाकर कुमार ने साल 2020 में केले की बागवानी शुरू की थी. प्रभाकर कुमार ने केले की बागवानी के लिए प्रखंड कार्यालय में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फॉर्म भी भरा, लेकिन 3 साल बाद भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका. प्रभाकर कुमार कार्यालय का चक्कर लगाकर थक जाने के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 1.50 लाख कर्ज लेकर 1 एकड़ में केले की बागवानी शुरू की. इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
1800 कल्चर के साथ शुरू की खेल की बागवानी
प्रभाकर ने बताया कि पहली बार 1800 टिशु कल्चर अपने खेतों में लगाया. इससे बेहतर केला का उत्पादन हुआ और सब खर्च काटकर 2.50 लाख की कमाई भी हुई. पहले साल प्रत्येक टिश्यू कल्चर पर 17 रूपए का लागत आया. वहीं दूसरी और इस साल तकरीबन 20 रूपए प्रति टिशु कल्चर और खाद और कीटनाशक पर खर्च किया जा रहा है. वहीं केला के पौधे से 250 केले का का उत्पादन होता है. प्रभाकर केले की बागवानी खुद तो कर ही रहे हैं साथ ही इलाके के किसानों को भी प्रेरित कर रहे हैं.
उद्यान विभाग के अधिकारी करेगें सहयोग तो बढ़ेगी कमाई
किसान प्रभाकर कुमार बताते हैं कि अगर उद्यान विभाग के अधिकारी सहयोग करे तो केले की बागवानी को और विस्तार दे सकते हैं. यदि सरकारी सहायता प्राप्त हो जाती है न सिर्फ उत्पाद की क्षमता बढ़ेगी बल्कि कमाई भी बढ़ जाएगी. बेगूसराय जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि प्रभाकर कुमार को सरकारी योजना का लाभ लेने में किस प्रकार की परेशानी आई, इसकी जांच करवाई जा रही है. साथ हीं उन्होंने बताया कि प्रखंड के अधिकारियों को क्षेत्र के किसानों को मदद पहुंचाने के लिए कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है.
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FIRST PUBLISHED : May 22, 2023, 20:21 IST








