जबलपुर. जबलपुर में एक डॉक्टर अब सन्यासी हो गया. घर-गृहस्थी और लाखों रुपए की जमीन जायदाद सब से मोह त्याग दिया. वो अब धर्म की सेवा करेंगे. समाज के लिए जीयेंगे. फिलहाल वो मरीजों को देख रहे हैं लेकिन फीस नहीं ले रहे.
जबलपुर में एक डॉक्टर ने अपने पेशे और लाखों रुपए की संपत्ति सब त्याग दिया. उन्होंने सन्यास ग्रहण कर लिया. सराफा स्थित फूटाताल में निजी अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर नरेंद्र सोनी उर्फ डॉक्टर राजर्शी अब वानप्रस्थ आश्रम में रहेंगे. उन्होंने ग्वारीघाट तट पर काली धाम में सन्यास दीक्षा ग्रहण की एवं दुनिया की मोह माया और अपनी संपत्ति को त्याग दिया. हालांकि अभी अस्थाई रूप से वे अपने अस्पताल में मरीजों की जांच और इलाज कर रहे हैं. लेकिन इस दौरान उन्होंने किसी भी प्रकार का शुल्क लेना बंद कर दिया है.
सनातन संस्कृति अपनायी
डॉ नरेन्द्र सोनी उर्फ राजर्षि सोनी सनातन संस्कृति के अनुरूप जीवन जीना चाहते हैं. उन्होंने बताया जिस प्रकार सनातन संस्कृति में मनुष्य जीवन के निर्वहन और फिर मोक्ष की प्राप्ति के लिए चार आश्रमों का वर्णन किया है. उसी के तहत अब वे गृहस्थ जीवन से बाद वानप्रस्थ आश्रम में जीवन व्यतीत करेंगे और ईश्वर की भक्ति करेंगे.
आपके शहर से (जबलपुर)

MP : वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी से परेशान बीजेपी, नई गाइडलाइन जारी, हर मंच पर मिलेगा सम्मान

Bilaspur : Ratanpur Rape Case में बढ़ा विवाद | Sarva Vipra Samaj | Hindi News | CG News | Protest

Raipur : Nanki Ram Kanwar को लेकर CM Bhupesh Baghel ने दिया बड़ा बयान, कही ये बड़ी बात | Top News

Satna Jail: 24 कुंडीय यज्ञ से…जेल का बदला ‘मिजाज’, 150 बंदियों ने ली मंत्र दीक्षा

Raipur : CM Bhupesh Baghel का BJP पर हमला, कहा- BJP को गौशाला और गौठान में अंतर नहीं पता | Top News

शादी के 13 दिन बाद दूल्हे को अपने साथ ले गई मौत, हाथों की मेहंदी देख रोए जा रही दुल्हन, दर्दनाक है कहानी

RPF Constable Salary: आरपीएफ में कांस्टेबल की कितनी है सैलरी, क्या-क्या मिलती है सुविधाएं? जानें कैसे बनते हैं इंस्पेक्टर

FIPIC Summit 2023 : PM Modi को मिला ‘Companion of the Order of Fiji’ का सम्मान | Latest News | Top

Bhopal : CM Shivraj ने Rani Padmavati की प्रतिमा का किया अनावरण, कही ये बड़ी बात | Top News | Latest

भोपाल दिल्ली वंदे भारत के स्टॉपेज का समय बढ़ा, नया शेड्यूल जारी, जानें कब से होगा लागू
ये भी पढ़ें- MP : वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी से परेशान बीजेपी, नई गाइडलाइन जारी, हर मंच पर मिलेगा सम्मान
चार आश्रम
डॉ नरेन्द्र सोनी को सन्यास दीक्षा दिलाने वाले पंडित अश्विनी शुक्ला का कहना है ईश्वर की भक्ति के लिए वानप्रस्थ आश्रम में जाना आवश्यक है. बहरहाल डॉक्टर नरेंद्र सोनी सनातन संस्कृति के उपासकों के लिए मिसाल बन गए हैं. यह सभी जानते हैं कि सनातन संस्कृति में जीवन निर्वहन के चार आश्रमों को सर्वोच्च साधन माना गया है. ब्रह्मचर्य आश्रम, गृहस्थ आश्रम, वानप्रस्थ एवं सन्यास आश्रम. मोक्ष की प्राप्ति के लिए वानप्रस्थ और फिर सन्यास का मार्ग बताया गया है. साधु संत हमेशा से इन्हीं चार आश्रमों का पालन करते आ रहे हैं.
.
Tags: Jabalpur news, Madhya pradesh latest news
FIRST PUBLISHED : May 22, 2023, 15:28 IST








