
अंकित कुमार सिंह/सीवान. बिहार का सीवान जिला मेधा और प्रतिभाओं की धरती रही है. खेल के विभिन्न विधाओं में यहां बच्चे काफी एक्टिव रहते हैं. यही वजह है कि यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल से लोहा मनवा चकुे हैं. इन खिलाड़ियों को तराशने में कहीं न कहीं खेल प्रेमियों का अथक प्रयास है. ग्रामीण परिवेश से आने वाले बच्चों के पास आर्थिक से लेकर संसाधनों तक का संकट होता है. इन बच्चों की सारी जरूरतों को खेल प्रेमी पूरा करते हैं. उन्हीं खेल प्रेमियों में से एक है विशाल कुमार सिंह, जो पिछले कई वर्षों से बॉल बेडमिंटन के खिलाड़यों को फ्री में ट्रेनिंग दे रहे हैं.
विशाल खुद रह चुके हैं नेशनल खिलाड़ी
विशाल कुमार सिंह खुद बॉल बैडमिंटन के नेशनल खिलाड़ी रह चुके हैं और 8 बार नेशनल गेम खेल चुके हैं. सीवान जिले के मैरवा में बॉल बैडमिंटन के खिलाड़ियों को मुफ्त में प्रशिक्षण दे रहे हैं, जहां सुदुर इलाकों से आने वाले लड़के एवं लड़कियों को तेयसर करने का काम कर रहे हैं, ताकि ये खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल सकें. इसके लिए विशाल प्लेटफॉर्म मुहैया कराने में दिन-रात लगे रहते हैं. विशाल का मानना है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे बच्चों की प्रतिमा कुंठित न हो जाए, इसलिए ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करना दायित्व बनता है. इसी उद्देश्य से खिलाड़ियों को लगातार प्रशिक्षण देकर तैयार कर रहे हैं, ताकि खेल से जुड़कर अपनी जिंदगी संवार सकें.
पॉकेट से पैसा लगकार संवार रहे खिलाड़ियों की जिंदगी
बॉल बैडमिंटन की टीम में इस समय 45 महिला व पुरूष खिलाड़ी शामिल है. अब तक विशाल से प्रशिक्षण लेकर 40 महिलाएं और पुरुष खिलाड़ी नेशनल और 6 महिलाएं और पुरुष खिलाड़ी इंटरनेशनल बॉल बैडमिंटन खेल चुके हैं. वर्तमान में भी उनके खेल क्लब में 20 से अधिक नेशनल खिलाड़ी खेल रहे हैं. इन खिलाड़ियों के जीवन को संवारने में विशाल 2018 से लगे हुए हैं और वे लगातार प्रशिक्षण सत्र चलाकर खिलाड़ियों को नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर भेज रहे हैं. खिलाड़ियों के जीवन को संवारने में वह खुद अपनी पॉकेट से पैसा लगाते हैं. वह अपनी मां का भी मदद लेते हैं. विशाल बताते हैं कि उनके गुरु संजय पाठक ने मुफ्त में खेल सिखाया था, जिसके पश्चात उन्हें भी लगा कि युवा खिलाड़ियों को मुफ्त में प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाए. इसके अलावा खिलाड़ियों को न सिर्फ प्रशिक्षण देंगे, बल्कि उनके लिए प्लेटफॉर्म भी मुहैया कराएंगे. इसी दिशा में लगातार प्रयास कर रहे है.
खिलाड़ी कर रहे हैं बेहतर प्रदर्शन
विशाल कुमार बताते हैं कि बिहार के सीवान में सबसे अधिक खिलाड़ी जिले के मैरवा से आते हैं. इसके बावजूद मैरवा में कोई स्टेडियम नहीं है. इसकी मांग कई वर्षों से चल रही है, लेकिन आज तक स्टेडियम का निर्माण नहीं हो पाया है, जबकि यहां दर्जनों नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि मजबूरी में विद्यालयों के कैंपस में ही खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण सत्र चलाते हैं. अगर खिलाड़ियों के पास खुद का ग्राउंड होता तो और भी बेहतर करते. हालांकि सीमित संसाधनों के बीच भी सीवान के खिलाड़ियों ने अपने खेल के जरिए बुलंदियों को छू रहे हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 22, 2023, 10:27 IST








