
हाइलाइट्स
हिंदू धर्म में गरुड़ देवता को भगवान विष्णु का वाहन बताया गया है.
गरुड़ देव हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण पक्षियों और भगवान के रूप में पूजे जाते हैं.
Importance of Garuda Ghanti : हिंदू धर्म में की जाने वाली पूजा पाठ में बहुत से ऐसे वाद्य यंत्र हैं जिन्हें बजाने से एक अलग ही ऊर्जा की अनुभूति होती है. इन्हीं में से एक है घंटी. मंदिर या घर के पूजा स्थान पर आपने घंटी रखी हुई जरूर देखी होगी. ज्योतिष शास्त्र मानता है कि घंटी के बिना पूजा अधूरी होती है. आरती करते समय या आरती के बाद लोग घंटी बजाते हैं और अपनी मनोकामनाएं भगवान तक पहुंचाते हैं. माना जाता है कि घंटी सभी प्रकार की नकारात्मकता को दूर करती है और वातावरण को पवित्र और सकारात्मक बनाती है. हिंदू धर्म की हर पूजा में आरती के समय घंटी बजाते हैं, लेकिन यदि आपने कभी गौर किया होगा तो आपको घंटी के ऊपर किसी देवता का चित्र अंकित दिखाई दिया होगा. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं. घंटी से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में.
कितनी तरह ही होती हैं घंटियां
मंदिर पूजा-पाठ के स्थानों या घर में इस्तेमाल की जाने वाली घंटियां चार प्रकार की होती हैं पहली गरुण घंटी, दूसरी द्वार घंटी, तीसरी हाथ घंटी और चौथी घंटा. गरुड़ घंटी छोटी होती है, जिसे हाथ से बजाया जा सकता है. द्वार घंटी वह घंटी होती है, जो मंदिरों के द्वार पर लटकी हुई होती है. यह बड़ी और छोटी दोनों ही प्रकार की हो सकती है. हाथ घंटी पीतल की ठोस एक गोल प्लेट की तरह होती है. इसको लकड़ी के एक गद्दे से ठोक कर बजाते हैं, और घंटा बहुत बड़ा होता है, यह कम से कम 5 फुट लंबा और चौड़ा हो सकता है. इसको बजाने के बाद आवाज कई किलोमीटर तक जा सकती है.
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हिंदू धर्म में माना जाता है कि सृष्टि की रचना जिस नाद से हुई है वह इसी गरुड़ घंटी से निकलता है. मान्यताओं के अनुसार पूजा पाठ या आरती के समय घंटी बजाने से आसपास की मौजूद नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. हम अपने घर के पूजा स्थान में जिस घंटी का उपयोग करते हैं उसे गरुड़ घंटी कहा जाता है.
पूजा घंटी में क्यों अंकित होते हैं गरुड़ भगवान
घरों और मंदिरों में हम जिस हाथ से घंटी का उपयोग करते हैं. उस घंटी के ऊपर गरुड़ भगवान की छवि अंकित होती है. गरुड़ घंटी छोटे आकार की होती है. ऐसा माना जाता है कि गरुड़ घंटी का पूजा में इस्तेमाल करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसके अलावा ऐसी भी मान्यता है, कि जिस घर में गरुड़ घंटी का इस्तेमाल किया जाता है. उस घर में सदैव सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
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कौन हैं गरुड़ भगवान
हिंदू धर्म में गरुड़ देवता को भगवान विष्णु का वाहन बताया गया है. गरुड़ देव हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण पक्षियों और भगवान के रूप में पूजे जाते हैं. पूजा की घंटी में इनका चित्र अंकित होता है. जिसके पीछे यह माना जाता है कि यह भगवान विष्णु के वाहन के रूप में भक्तों का संदेश भगवान तक पहुंचाते हैं. इसलिए गरुड़ घंटी बजाने से मनोकामना की पूर्ति होती है, और प्रार्थना भक्तों से सीधे भगवान तक पहुंच जाती है.
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Tags: Dharma Aastha, Religion
FIRST PUBLISHED : May 22, 2023, 06:30 IST








